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    भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ थाईलैंड के तकनीकी तंत्र को सशक्त बनाएंगे, पीएम मोदी की बैंकाक यात्रा के दौरान हुआ था समझौता

    Updated: Thu, 26 Jun 2025 12:15 AM (IST)

    भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ थाईलैंड के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में मदद करेंगे। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस वर्ष बैंकाक यात्रा के दौरान किया गया था।

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    भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ थाईलैंड के तकनीकी तंत्र को सशक्त बनाएंगे ( फोटो- रॉयटर)

    पीटीआई, बैंकाक। भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ थाईलैंड के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में मदद करेंगे। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस वर्ष बैंकाक यात्रा के दौरान किया गया था।

    प्रोफेसर विसित विसितसोरा-एटी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और समाज मंत्रालय के स्थायी सचिव ने कहा, 'हम अब इस बात पर काम कर रहे हैं कि कैसे दोनों देशों के बीच तकनीकी समझौते को आगे बढ़ाया जाए, जिससे भारत से थाईलैंड में कुशल तकनीकी मानव संसाधन आएंगे।'

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    थाईलैंड और भारत दो बहुत अच्छे तकनीकी देश


    विसित ने बताया कि थाईलैंड और भारत दो बहुत अच्छे तकनीकी देश हैं, और हम कई वर्षों से इस पर एक साथ काम कर रहे हैं। यह जानकारी उन्होंने यूनेस्को ग्लोबल फोरम आन द एथिक्स ऑफ एआइ-2025 के दौरान दी, जो 24 से 27 जून तक बैंकाक में आयोजित हो रहा है।

    थाईलैंड ने अप्रैल में आयोजित 6वें बिमस्टेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था


    नया घटनाक्रम उस नवीनतम समझौते के बाद आया है, जो डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच मोदी की आधिकारिक यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ था। इस यात्रा के दौरान थाईलैंड ने अप्रैल में आयोजित 6वें बिमस्टेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था।

    इन और अन्य समझौतों के साथ थाईलैंड और भारत ने द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी में सशक्त किया है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और निवेश को मजबूत किया है।थाई प्रधानमंत्री पैटोंगटर्न शिनावात्रा ने बुधवार को यूनेस्को फोरम के उद्घाटन पर एक मेगा एआइ-केंद्रित कार्यक्रम की घोषणा की।

    थाईलैंड ने एआई में किया है बड़ा निवेश


    शिनावात्रा ने कहा, 'हम अपनी राष्ट्रीय एआई समिति के तहत प्रमुख पहलों के साथ आगे बढ़ रहे हैं' और उन्होंने एआइ प्रतिभा के विकास के लिए एक करोड़ उपयोगकर्ताओं, 90,000 पेशेवरों और 50,000 डेवलपर्स की योजना का विवरण साझा किया।

    उन्होंने एआई अवसंरचना में 15.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई, जिसमें ओपन-सोर्स एआइ अवसंरचना और 6.1 करोड़ डालर से अधिक के निवेश के साथ एक राष्ट्रीय डाटा केंद्र का निर्माण शामिल है।

    शिनावात्रा ने कहा, 'हम एआइ गवर्नेंस प्रैक्टिस सेंटर (एआइजीपीसी) भी स्थापित करेंगे, ताकि नैतिक एआइ प्रथाओं को साझा किया जा सके, प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा सके और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।'

    थाईलैंड में भारतीय इंजीनियरों की बड़ी संख्या


    भारत और थाईलैंड के बीच दीर्घकालिक कार्य संबंधों पर टिप्पणी करते हुए उद्योग पर्यवेक्षकों ने कहा कि भारतीय इंजीनियरों की बड़ी संख्या न केवल भारत के लिए फायदेमंद है, बल्कि अन्य देशों के लिए भी सहायक है, जो तकनीकी और कुशल मानव संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि सभी आर्थिक क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रबंधित करने की कोशिश कर रहे हैं।