विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'UNSC का स्थाई सदस्य बने भारत', फ्रांस ने खुले मंच से किया समर्थन; चीन-पाक को लगेगी मिर्ची

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Fri, 27 Sep 2024 08:19 AM (IST)Updated: Fri, 27 Sep 2024 08:21 AM (IST)

India In UNSC फ्रांस ने यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया है। राष्ट्रपति इमैनुएल ...और पढ़ें

UNSC: फ्रांस ने कहा कि यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता होनी चाहिए।(फोटो सोर्स: जागरण)
UNSC: फ्रांस ने कहा कि यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता होनी चाहिए।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. जर्मनी, जापान, भारत और ब्राजील को स्थायी सदस्य होना चाहिए: फ्रांस
  2. वैश्विक कार्रवाई वैश्विक महत्वाकांक्षा के अनुरूप होनी चाहिए: पीएम मोदी

एएनआई, वॉशिंगटन। India UNSC Membership। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर बातचीत हो रही है। फ्रांस ने स्थायी सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया है।

मैक्रों ने बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त महासभा में कहा, हमारे पास एक सुरक्षा परिषद है, जिसे हमें और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है। फ्रांस सुरक्षा परिषद के विस्तार के पक्ष में है। जर्मनी, जापान, भारत और ब्राजील को स्थायी सदस्य होना चाहिए।

यूएनएससी में भारत अस्थायी सदस्य है

बता दें कि वर्तमान में सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य है, जिसमें रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और यूएस शामिल है। वहीं, 10 अस्थायी सदस्य हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। पिछली बार 2021-22 में संयुक्त राष्ट्र की उच्च परिषद में भारत अस्थायी सदस्य के रूप में बैठा था।

वैश्विक संस्थानों में सुधार की जरूरत: पीएम मोदी

कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘समिट ऑफ द फ्यूचर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, शांति के लिए ग्लोबल रिफार्म जरूरी है।

पीएम मोदी ने कहा था कि जहां एक ओर आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर साइबर सुरक्षा, समुद्री और अंतरिक्ष संघर्ष के नए क्षेत्र बन रहे हैं।  इन सभी मुद्दों पर मैं इस बात पर जोर दूंगा कि वैश्विक कार्रवाई वैश्विक महत्वाकांक्षा के अनुरूप होनी चाहिए। वैश्विक शांति और विकास के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है।

यह भी पढ़ें: फ्रांस ने की भारत को UNSC का स्थाई सदस्य बनाने की मांग, जी-4 के देशों ने कहा- लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता सुधार