सिडनी, जेएनएन। विश्‍व में आए दिन अलग-अलग जगहों पर हिंदू पूजा स्‍थल अराजक तत्‍वों के निशाने पर रहते हैं। ऐसा ही आस्‍ट्रेलिया के सिडनी में देखने को मिला। यहां रीजेंट्स पार्क में रविवार को बाराथिये मंदिर में आग लगाकर हिंदू देवताओं की 30 से अधिक मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया। यह घटना तब हुई, जब हिंदू समुदाय लोगों से मंदिर पुनर्निर्माण के लिए धन की अपील कर रहा है। बदमाशों ने मंदिर में आग लगा दी और वहां के इंटीरियर को नष्ट कर दिया।

घटना के बाद मुख्‍य पुजारी पंडित पारस महराज मंदिर में प्रार्थना को जारी रखने के लिए लोगों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हमने आस्‍ट्रेलिया में ऐसी घटना की उम्‍मीद कभी नहीं की थी। हम अभी भी सदमे की स्थिति में हैं। यह वर्णन करना मुश्किल है कि क्या हुआ है। रविवार रात को पूजा करने वालों ने मंदिर के अंदर से धुआं निकलते हुए देखा, तब इस घटना के बारे में पता चला।

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एक श्रद्धालु शिवानी कुमार ने कहा कि मंदिर की खिड़कियों से पता चला कि वहां आग लग गई है। मैं थोड़ी उलझन में थी कि अंदर क्या हो रहा है। उसने सोचा कि शायद प्रार्थनाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं या ऐसा कुछ। फिर उसने एक जवान लड़की को मंदिर से बाहर निकलते देखा। वह पानी की पाइप की एक नली पकड़कर अंदर लाई।

घटना के बाद वह वास्तव में डर गई थी। एक बुजुर्ग महिला होने के नाते घटना को लेकर उलझन में थी। उसे वास्तव में पता नहीं था कि क्या करना है, इसलिए उसने इंतजार किया। मंदिर में एक दंपति के आने पर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।

मंदिर के अध्यक्ष इंद्रजीत राय ने कहा कि वह घटना को लेकर अभी भी सदमे की स्थिति में हैं। यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि कोई ऐसा क्यों करेगा। उन्‍होंने कहा कि हमने पहले सोचा कि शायद बदमाश पैसे के लिए लूटने आए थे। फिर हमने देखा कि मूर्तियों को तोड़ दिया गया था, मूर्तियों में कोई पैसा नहीं था। हमने महसूस किया कि वे सिर्फ घटनास्‍थल को नष्‍ट करने के लिए आए थे।

इस घृणित अपराध को लेकर बुनकर समुदाय पर संदेह है। इससे पहले हिंदू समुदाय के लोगों को कभी बर्बर हमले का अनुभव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में हिंदू काउंसिल से जुड़े सुरिंदर जैन ने कहा कि वे नहीं जानते कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया है, लेकिन इससे भक्तों को बहुत दर्द और पीड़ा हुई है।  

Edited By: Arun Kumar Singh

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