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    G-20 देशों ने किया इजरायल-हमास के मुद्दे पर द्वि-राष्ट्र समाधान का समर्थन, युद्ध के पश्चिम एशिया में फैलने के खतरे पर व्यक्त की चिंता

    By Agency Edited By: Amit Singh
    Updated: Fri, 23 Feb 2024 06:05 AM (IST)

    वी. मुरलीधरन ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय तनाव पर एक सत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध पर तत्काल वार्ता एवं कूटनीतिक माध्यमों पर लौटने का आह्वान किया। इजरायल-हमास युद्ध पर उन्होंने द्वि-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया। कहा कि भारत आतंकवाद के सभी प्रारूपों की निंदा करता है। साथ ही कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को और नहीं फैलने देना चाहिए। उन्होंने भू-राजनीतिक मुद्दों का ठोस समाधान निकलाने की जरूरत पर भी बल दिया।

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    जी-20 देशों ने किया इजरायल हमास के मुद्दे पर द्वि-राष्ट्र समाधान का समर्थन

    रायटर, रियो डि जनेरियो। ब्राजील में जी-20 देशों की बैठक में विदेश मंत्रियों ने गुरुवार को इजरायल-हमास युद्ध के समाधान के रूप में सर्वसम्मति से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया और कहा कि यही शांति का एकमात्र मार्ग है। दो दिवसीय बैठक की समाप्ति पर ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के इस समूह के सभी सदस्यों ने गाजा में जारी युद्ध और इसके पश्चिम एशिया में फैलने के खतरे पर चिंता व्यक्त की।

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    उन्होंने कहा कि बैठक में गाजा में युद्धविराम और मानवीय मदद पहुंचाने का आह्वान किया गया, साथ ही कई देशों ने रफाह में इजरायल के आक्रमण की आलोचना की। ब्राजील की अध्यक्षता में जी-20 का एजेंडा तय करने के लिए इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा हुई। यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने बताया कि उन्हें रूस द्वारा युद्धविराम स्वीकार करने का कोई संकेत नहीं दिखता, पुतिन इस युद्ध को जारी रखना चाहते हैं।

    भारत ने सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार का किया आह्वान

    भारत ने बैठक में सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों का आह्वान करते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय शासन का वर्तमान ढांचा अप्रचलित हो चुका है। विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय तनाव पर एक सत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध पर तत्काल वार्ता एवं कूटनीतिक माध्यमों पर लौटने का आह्वान किया।

    इजरायल-हमास युद्ध पर उन्होंने द्वि-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आतंकवाद के सभी प्रारूपों की निंदा करता है। साथ ही कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को और नहीं फैलने देना चाहिए। उन्होंने भू-राजनीतिक मुद्दों का ठोस समाधान निकलाने की जरूरत पर भी बल दिया।