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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेतन्याहू के कड़े तेवर के बाद ढीला पड़ा फ्रांस, प्रतिबंध की बात करने वाले मैक्रों अब बोले- इजरायल पक्का दोस्त

By Agency Edited By: Mahen Khanna
Published: Sun, 06 Oct 2024 08:52 AM (IST)Updated: Sun, 06 Oct 2024 08:56 AM (IST)

Israel Iran War इमैनुएल मैक्रों ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा कि फ्रांस इजरायल का पक्का दोस्त है ...और पढ़ें

Israel Iran War इजरायल पर नरम पड़े फ्रांस के तेवर।
Israel Iran War इजरायल पर नरम पड़े फ्रांस के तेवर।

HighLights

  1. फ्रांस के प्रतिबंध के आह्वान पर नेतन्याहू ने सुनाई थी खरी-खरी।
  2. अब मैक्रों बोले- हम हमेशा इजरायल के साथ खड़े रहेंगे।

एएनआई, पेरिस। Israel Iran War इजरायल पर हथियार प्रतिबंध लगाने की बात करने वाले फ्रांस के तेवर अब ढीले पड़ते दिख रहे हैं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा कि फ्रांस इजरायल का पक्का दोस्त है और हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा। दरअसल, मैक्रों का ये बयान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कड़े तेवर दिखाने के बाद आया है। 

हमेशा इजरायल का साथ देंगेः मैक्रों

टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, मैक्रों ने कहा कि वो इजरायल की सुरक्षा का समर्थन करते हैं। उन्होंने दोहराया कि फ्रांस ईरान या उसके किसी भी प्रॉक्सी को इजरायल पर हमला करने की अनुमति नहीं देगा और अगर उसने बल का सहारा लिया तो हम हमेशा उसका सामना करेंगे।

नेतन्याहू ने सुनाई थी खरी खोटी

इससे पहले एक वीडियो संदेश में मैक्रों ने गाजा के साथ-साथ लेबनान में तत्काल युद्ध विराम की बात कही थी। मैंक्रों ने कहा था कि हमें तनाव को बढ़ने से रोकना चाहिए, नागरिक आबादी की रक्षा करनी चाहिए और बंधकों को मुक्त करना चाहिए। उन्होंने इसी के साथ इजरायल को हथियारों के निर्यात पर बैन लगाने की भी बात कही। 

मैंक्रों की इस बात पर इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने इसे "अपमानजनक" और शर्मनाक बताया। नेतन्याहू ने कहा कि आतंक की धुरी एक साथ खड़ी है, लेकिन जो देश कथित तौर पर इस आतंकी धुरी का विरोध करते हैं, वे इजरायल पर हथियार प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हैं, ये बहुत गलत है।

नेतन्याहू ने कहा कि "सभी सभ्य देशों" को इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए क्योंकि वह ईरान के नेतृत्व वाली "बर्बरता की ताकतों से लड़ रहा है", उन्होंने मैक्रों द्वारा इजरायल के खिलाफ हथियार प्रतिबंध लगाने के आह्वान को "शर्मनाक" बताया।

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