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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तालिबान की ओर से पहला फतवा जारी, लड़कियों का लड़कों के साथ एक क्लास में पढ़ना बंद

By Nitin AroraEdited By:
Published: Sat, 21 Aug 2021 03:00 PM (IST)

हेरात प्रांत के व्याख्याताओं ने तर्क दिया है कि सरकारी विश्वविद्यालय और संस्थान अलग-अलग कक्षाओं का प्रबंधन कर सकते हैं ...और पढ़ें

तालिबान की ओर से पहला फतवा जारी, लड़कियों का लड़कों के साथ एक क्लास में पढ़ना बंद
तालिबान की ओर से पहला फतवा जारी, लड़कियों का लड़कों के साथ एक क्लास में पढ़ना बंद

काबुल, आइएएनएस। तालिबान की ओर से पहला फतवा जारी कर दिया गया है। खामा न्यूज ने बताया कि अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में तालिबान अधिकारियों ने सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों को आदेश दिया है कि लड़कियों को अब लड़कों के साथ एक ही कक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के व्याख्याताओं, निजी संस्थानों के मालिकों और तालिबान अधिकारियों के बीच तीन घंटे की बैठक में, कहा गया कि सह-शिक्षा जारी रखने का कोई विकल्प और औचित्य नहीं है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए।

अफगानिस्तान में सह-शिक्षा और अलग-अलग कक्षाओं का मिक्स सिस्टम है, जिसमें अलग-अलग कक्षाएं संचालित करने वाले स्कूल हैं, जबकि देश भर के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में सह-शिक्षा लागू की जाती है।

हेरात प्रांत के व्याख्याताओं ने तर्क दिया है कि सरकारी विश्वविद्यालय और संस्थान अलग-अलग कक्षाओं का प्रबंधन कर सकते हैं, लेकिन निजी संस्थानों में महिला छात्रों की सीमित संख्या के कारण अलग-अलग कक्षाओं का बंदोबस्त नहीं कर सकते। अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात के उच्च शिक्षा प्रमुख मुल्ला फरीद, जो हेरात में हुई बैठक में तालिबान का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने कहा है कि सह-शिक्षा को समाप्त किया जाना चाहिए क्योंकि व्यवस्था समाज में सभी बुराइयों की जड़ है।

फरीद ने एक विकल्प के रूप में सुझाव दिया कि महिला व्याख्याताओं या बुजुर्ग पुरुष जो गुणी हैं, उन्हें महिला छात्रों को पढ़ाने की अनुमति है और सह-शिक्षा के लिए न तो कोई विकल्प है और न ही कोई औचित्य है।

हेरात में व्याख्याताओं ने कहा, चूंकि निजी संस्थान अलग-अलग कक्षाओं का खर्च नहीं उठा सकते हैं, इसलिए हजारों लड़कियां उच्च शिक्षा से वंचित रह सकती हैं। बता दें कि प्रांत में निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में लगभग 40,000 छात्र और 2,000 व्याख्याता हैं।