Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Maldives Parliament: मालदीव की संसद में सत्तारूढ़ व विपक्षी सांसदों में मारपीट, घायल नेता को इलाज के लिए भेजा गया अस्पताल

    By Agency Edited By: Babli Kumari
    Updated: Sun, 28 Jan 2024 08:13 PM (IST)

    मालदीव की संसद के विशेष सत्र में रविवार को पीपीएम व पीएनसी पार्टी की गठबंधन सरकार के सांसदों और विपक्षी सांसदों के बीच जमकर मारपीट हुई।इसमें कुछेक सांसद घायल हो गए हैं और सरकार के प्रस्ताव पर संसद की मंजूरी नहीं मिल पाने से मोहम्मद मोइज्जू सरकार को करारा झटका लगा है। माले से आए इंटरनेट मीडिया के कुछ सनसनीखेज वीडियो फुटेज में कुछ चौंकाने वाले दृश्य देखने को मिले।

    Hero Image
    मालदीव की संसद के विशेष सत्र के दैरान हुई मारपीट (Maldivian Flag)

    माले (मालदीव), एएनआइ। मालदीव की संसद के विशेष सत्र में रविवार को पीपीएम व पीएनसी पार्टी की गठबंधन सरकार के सांसदों और विपक्षी सांसदों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसमें कुछेक सांसद घायल हो गए हैं और सरकार के प्रस्ताव पर संसद की मंजूरी नहीं मिल पाने से मोहम्मद मोइज्जू सरकार को करारा झटका लगा है। माले से आए इंटरनेट मीडिया के कुछ सनसनीखेज वीडियो फुटेज में कुछ चौंकाने वाले दृश्य देखने को मिले।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इसमें मुख्यत: मारपीट विपक्षी एमडीपी सांसद इसा और सत्तारूढ़ पीएनसी सांसद अब्दुल्ला शहीम अब्दुल हकीम के बीच होती देखी जो सतारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों की मारपीट में बदल गई। इंटरनेट मीडिया पर अधाधु के जारी वीडियो में शमीम को इसा का पैर पकड़कर खींचते और फिर दोनों सांसदों के एक साथ जमीन पर गिरते दिखाया गया है। वहीं दूसरे फुटेज में ईसा को शहीम की गर्दन पर लात मारते और उनके बाल खींचते देखा गया।

    संसद के स्पीकर की बर्खास्तगी की भी हुई मांग

    दोनों सांसदों की गुत्थम-गुत्था में और कई सांसद भी लपेटे में आ गए। एक अन्य फुटेज में कई अन्य सांसदों को शहीम को खींचकर दूसरी तरफ ले जाता भी देखा गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार इस भीषण मार-पिटाई के बाद घायल एक सांसद को एम्बुलेंस से इलाज के लिए अस्पताल भेजना पड़ा। मंत्रियों की पुनर्नियुक्ति को दोपहर 1.30 बजे मंजूरी दी जानी थी, लेकिन कुछ पीएनसी सांसदों ने सदन को घेर लिया और सत्र को बाधित कर दिया। तब प्रदर्शनकारी सदस्यों ने कहा कि मंत्रियों को स्वीकार करने से प्रगति बाधित होगी। उन्होंने संसद के स्पीकर की बर्खास्तगी की भी मांग की। सत्तारूढ़ गठबंधन दल पीएनसी और पीपीपी ने एक बयान जारी करके कहा कि नए मंत्रियों को नामंजूर करने से जनसेवा में व्यवधान होगा।

    'हिंद महासागर की सुरक्षा और स्थिरता पर दिया बल'

    इस बीच, मालदीव के राष्ट्रपति मोइज्जू के मुख्य सलाहकार और पीएनसी के अध्यक्ष अब्दुल रहीम अब्दुल्ला ने कहा कि अगर मंत्रियों को अधिकृत नहीं भी किया गया है, उन्हें फिर से नियुक्त होने का अधिकार है। उन्होंने मंत्रियों को दी जाने वाली मंजूरी से इन्कार करने की आलोचना करते हुए इसे गैरजिम्मेदाराना बताया। उल्लेखनीय है कि भारत के विरोध की मोहम्मद मोइज्जू सरकार की नीति का विपक्ष ने खुलकर विरोध किया है। विपक्षी दल एमडीपी और डेमोक्रैट ने मालदीव की सुरक्षा व स्थिरता के लिए हिंद महासागर की सुरक्षा और स्थिरता पर बल दिया है।

    यह भी पढ़ें- फ्रांस में Mona Lisa की पेंटिंग पर फेंका गया सूप, म्यूजियम में मची अफरा-तफरी; देखें VIDEO