विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लॉकडाउन का लाभ उठा रहे चरमपंथी समूह, युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कर रहे कोशिश: UN

By Ayushi TyagiEdited By:
Published: Tue, 28 Apr 2020 01:30 PM (IST)

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि चरमपंथी समूह लॉकडाउन का लाभ उठा रहे हैं। वह उन्हें ऑनलाइन अपने गिरोह में शामिल करना चाहते हैं।

लॉकडाउन का लाभ उठा रहे चरमपंथी समूह, युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कर रहे कोशिश: UN
लॉकडाउन का लाभ उठा रहे चरमपंथी समूह, युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कर रहे कोशिश: UN

 संयुक्त राष्ट्र, पीटीआई। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि चरमपंथी समूह कोरोना वायरस (COVID-19) लॉकडाउन का लाभ उठा रहे हैं और सोशल मीडिया पर युवाओं को अपने क्रोध और निराशा का फायदा उठाकर ऑनलाइन  भर्ती करने के प्रयासों को तेज कर रहे हैं। 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सोमवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान युवाओं, शांति और सुरक्षा पर एक ऐतिहासिक संकल्प को अपनाने के बाद से पांच साल की समीक्षा के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हम पहले से ही ऐसे समूहों को कोरोना वायरस (COVID-19) लॉकडाउन का लाभ उठाते हुए देख सकते हैं, नफरत फैलाने और युवा लोगों को भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया पर अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं। दरअसल, लॉकडाउन  के वजह से इस वक्त युवा घरों में ऑनलाइन अधिक समय बिता रहे हैं।

युवाओं, शांति और सुरक्षा पर कार्रवाई के लिए बात करते हुए, गुटेरेस ने कहा कि दुनिया युवाओं की एक खोई हुई पीढ़ी को बर्दाश्त नहीं कर सकती है। आइए हम उनकी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करें क्योंकि फिलहाल हम महामारी से निपट रहे हैं और एक पुनर्प्राप्ति का चार्ट बनाते हैं जो सभी के लिए अधिक शांतिपूर्ण, स्थायी और न्यायसंगत भविष्य की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि करीब 1.54 बिलियन से अधिक बच्चे कोरोना वायरस महामारी के कारण स्कूलों नहीं जा पा रहे हैं। गुटेरेस ने कहा कि देशों को संकट और इसके बाद के युवाओं की प्रतिभा का दोहन करने के लिए और अधिक कदम उठाने चाहिए। सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर अपनी पहली रिपोर्ट पेश करते हिए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि युवा  महामारी से पहले भी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे। जैसे शिक्षा उनके खिलाफ हो रही हिंसा जैसे संघर्ष से प्रभावित होना भी शामिल है।

गौरतलब है कि दुनियाभर में कई देशों ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लागू किया हुआ है। ऐसे में स्कूल, सार्वजनिक  स्थानों को बंद किया हुआ है। हालांकि, कई जगहों पर अब प्रतिबंधों में थोड़ी ढील भी दी गई है। 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।