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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India New Zealand Ties: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- उपनिवेश काल के बाद की व्यवस्था बनाएं भारत और न्यूजीलैंड

By AgencyEdited By: Sonu Gupta
Published: Thu, 06 Oct 2022 09:48 PM (IST)

भारत और न्यूजीलैंड जैसे देशों पर उपनिवेश काल के बाद की ऐसी व्यवस्था तैयार करने की जिम्मेदारी है जो विश्व ...और पढ़ें

विदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा आर्डेर्न से मुलाकात करते हुए। (फोटो- एपी)
विदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा आर्डेर्न से मुलाकात करते हुए। (फोटो- एपी)

आकलैंड,एजेंसी। भारत और न्यूजीलैंड जैसे देशों पर उपनिवेश काल के बाद की ऐसी व्यवस्था तैयार करने की जिम्मेदारी है जो विश्व के बड़े हिस्से को समृद्धि और स्थायित्व प्रदान कर सकती है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को न्यूजीलैंड की अपनी समकक्ष नानैआ माहुता के साथ हुई मुलाकात में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और यूक्रेन में जारी संघर्ष के परिणाम पर चर्चा की और भारतीय छात्रों के वीजा का मुद्दा भी उठाया। विदेश मंत्री के रूप में पहली बार न्यूजीलैंड आए जयशंकर ने गुरुवार को न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा आर्डेर्न से भी मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निजी शुभकामनाएं दीं।

द्विपक्षीय संबंध को मजबूत बनाने पर जोर

इस दौरान दोनों नेता व्यापक कारोबार गठबंधन और लोगों के बीच संपर्क को प्रोत्साहन देने पर सहमत हुए। न्यूजीलैंड की विदेश मंत्री नानैआ माहुता के साथ मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, 'न्यूजीलैंड की विदेश मंत्री नानैआ महुता के साथ गुरुवार दोपहर हुई मुलाकात अच्छी रही। माहुता के साथ हुई बातचीत का मुख्य जोर द्विपक्षीय संबंध को मजबूत बनाने पर रहा।'

दोनों देशों पर है बड़ी जिम्मेदारी

माहुता के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने कहा, 'मैं समझता हूं कि आज के समय में हम दोनों को स्वीकार करना चाहिए कि भारत और न्यूजीलैंड जैसे देशों पर उपनिवेश काल के बाद की व्यवस्था तैयार करने की जिम्मेदारी है। यह अत्यंत उचित, न्यायसंगत व्यवस्था विश्व के उस बड़े हिस्से को समृद्धि एवं स्थिरता प्रदान करेगी जिसके साथ हम ऐतिहासिक रूप से जुड़े हैं।'

दोनों नेताओं के बीच वीजा मुद्दे पर भी हुई वार्ता

वीजा मुद्दे पर जयशंकर ने कहा, 'मैंने कोरोना काल में जिन छात्रों को न्यूजीलैंड से जाना पड़ा और जिन्हें वीजा नवीकरण कराने का अवसर नहीं मिल पाया, उनके बारे में बात की। मैंने उनके साथ न्यासंगत और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किए जाने का आग्रह किया। इसके साथ ही न्यूजीलैंड में शिक्षा के लिए आने को इच्छुक छात्रों के लिए वीजा प्रक्रिया तेज करने पर भी चर्चा की।'

भारत ने दूसरे देशों को कोरोना रोधी टीका उपलब्ध कराया

कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत कोरोना रोधी टीके का सबसे बड़ा उत्पादक है और अपने देशवासियों का टीकाकरण कराने के साथ ही अन्य देशों की भी मदद की। भारत ने उन देशों को प्राथमिकता दी जिन्हें मुफ्त टीका नहीं मिल सकता था।

मोदी एट 20 पुस्तक का किया विमोचन

जयशंकर ने गुरुवार को किवी इंडियन हाल आफ फेम अवार्ड 2022 में भाग लिया और मोदी एट 20 : ड्रीम्स मीट डिलीवरी का विमोचन किया। इसी वर्ष 11 मई को लांच की गई इस किताब का एक अध्याय जयशंकर ने लिखा है।

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