European Union Membership: EU में यूक्रेन और माल्दोवा को शामिल करने पर बनी सहमति
ईयू संविधान के अनुसार किसी नए देश को शामिल करने के लिए सभी सदस्य देशों का सहमत होना जरूरी है। 24 फरवरी को रूसी हमले के चार दिन बाद यूक्रेन ने यूरोपीय यूनियन की सदस्यता के लिए आवेदन किया था।

ब्रसेल्स, रायटरर्स : यूरोपीय यूनियन (ईयू) के सदस्य देशों ने शुक्रवार को यूक्रेन और माल्दोवा को सदस्य बनाने के लिए अपनी सहमति दे दी। महज साढ़े तीन महीने में बनी यह सहमति रूसी हमले के खिलाफ बने माहौल का अप्रत्याशित असर मानी जा रही है। ईयू संविधान के अनुसार किसी नए देश को शामिल करने के लिए सभी सदस्य देशों का सहमत होना जरूरी है। 24 फरवरी को रूसी हमले के चार दिन बाद यूक्रेन ने यूरोपीय यूनियन की सदस्यता के लिए आवेदन किया था। उसके चार दिन बाद पूर्व सोवियत देश माल्दोवा और जार्जिया ने ईयू की सदस्यता के लिए आवेदन किया था।
जानिए ईयू के कार्यकारी प्रमुख ने कहा क्या
ईयू 27 यूरोपीय देशों का शक्तिशाली संगठन है, जो यूरो मुद्रा में लेन-देन करता है। ईयू की कार्यकारी प्रमुख उर्सला वान डेर लिएन ने कहा, यूक्रेन ने यूरोपीय परंपराओं के साथ रहने की अपनी प्रबल इच्छा को साफ तौर पर प्रदर्शित किया है। ईयू मुख्यालय में यूक्रेन की सदस्यता पर सहमति बनने की घोषणा करते समय लिएन ने यूक्रेन के राष्ट्रध्वज से मेल खाती नीले रंग की शर्ट और पीले रंग का ब्लेजर पहन रखा था। जार्जिया की सदस्यता के सवाल पर लिएन ने कहा, उसका आवेदन सशक्त है लेकिन उसे अभी राजनीतिक रूप से यूरोप के करीब आने की जरूरत है। वहां पर कुछ बदलावों की जरूरत है। प्रतिक्रिया में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ट्वीट कर लिएन और ईयू के सभी सदस्य देशों का आभार प्रकट किया। कहा, ईयू की सदस्यता की पहली सीढ़ी पर पहुंचकर महसूस हो रहा है कि हमारी जीत नजदीक है।
ईयू में शामिल होने के लिए है लंबी प्रक्रिया
माल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सांडू ने कहा कि ईयू के इस फैसले से माल्दोवा और उसके नागरिकों को मजबूती मिली है। हम अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए और ज्यादा मेहनत करेंगे। इससे पहले गुरुवार के अपने यूक्रेन दौरे में ईयू के प्रमुख सदस्य देशों-जर्मनी, फ्रांस और इटली के नेताओं ने यूक्रेन के आवेदन का समर्थन करने की घोषणा की थी। इसे ईयू में यूक्रेन को शामिल किए जाने का संकेत माना गया था। यूक्रेन और माल्दोवा ईयू में शामिल होने के लिए पहली सीढ़ी पर चढ़ गए हैं लेकिन उन्हें अभी लंबी प्रक्रिया को पार करना है। उनसे पहले के कई देश इस प्रक्रिया को पूरा करने में लगे हुए हैं। तुर्किये (तुर्की) 1999 से ईयू की सदस्यता प्राप्त करने की कोशिश में लगा हुआ है लेकिन अभी तक प्राप्त नहीं कर पाया है।
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