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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Afghanistan: अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार पर जानलेवा हमला, बाल-बाल बचे

By AgencyEdited By: Sonu Gupta
Published: Sat, 03 Dec 2022 05:51 AM (GMT+05:30)

अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार (Gulbuddin Hekmatyar) की काबुल स्थित इमारत पर शुक्रवार को हमला किया गया जिसमें वह ...और पढ़ें

अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार पर जानलेवा हमला। फोटो- एएनआइ।
अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार पर जानलेवा हमला। फोटो- एएनआइ।

काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार (Gulbuddin Hekmatyar) की काबुल स्थित इमारत पर शुक्रवार को हमला किया गया, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अन्य दो घायल हो गए। अफगानिस्तानी न्यूज चैनल टोलो न्यूज ने यह जानकारी दी है। पूर्व पीए के कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक वह इस हमले में बाल-बाल बच गए।

हिकमतयार के बिल्डिंग पर हुआ हमला

अल जजीरा ने बतया कि उनके इमारत की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्डों ने दो हमलावरों को उसी समय मार गिराया, जब वे एक मस्जिद में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जहां हिकमतयार और उनके समर्थक शुक्रवार की नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे। यह हमला काबुल के दारुलामन इलाके में हिकमतयार के बिल्डिंग पर हुआ। मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार हिज्ब-ए-इस्लामी (Hizb-e-Islami) पार्टी के नेता है।

घटना के बाद पूर्व पीएम ने जारी किया वीडियो संदेश

अल जजीरा ने बताया कि इस घटना के बाद पूर्व पीएम ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि हमलावर महिलाओं के बुर्का में छिपे थे और वह अत्मघाती हमलावर थे, जो उन्हें उड़ाने के इरादे से आए थे। टोलो न्यूज ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि हमलावर बुर्का पहनकर कार्यालय में घुस गए। हालांकि वह अपने लक्ष्य में कामयाब नहीं हो सके। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना शुक्रवार की नमाज के समय हुई।

प्रयास फिर रहा विफल- हिकमतयार

पूर्व पीएम हिकमतयार ने कहा, 'मैं अपने देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि उन लोगों का प्रयास एक बार फिर विफल रहा, जिन्होंने इसे कई बार किया है, लेकिन वह असफल रहे हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमले के पीछे कौन था।' काबुल में हुए इस हमले की किसी ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली है।

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