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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rishi Sunak: ब्रिटेन के जनमत सर्वेक्षण में चला पता, मतदाताओं का मानना ऋषि सुनक बनेंगे अच्छे प्रधानमंत्री

By Ashisha RajputEdited By:
Published: Sun, 17 Jul 2022 04:28 PM (IST)

Rishi Sunak एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 2019 के आम चुनाव में टोरीज का समर्थन करने वालों में से ...और पढ़ें

मतदाताओं का मानना है कि ऋषि सुनक देश के एक अच्छे प्रधानमंत्री बनेंगे।
मतदाताओं का मानना है कि ऋषि सुनक देश के एक अच्छे प्रधानमंत्री बनेंगे।

लंदन, एजेंसी।‌ ब्रिटेन के जनमत सर्वेक्षण में रविवार को एक बड़ी बात सामने आई। देश की सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी के करीब आधे मतदाताओं का मानना है कि ऋषि सुनक देश के एक अच्छे प्रधानमंत्री बनेंगे। 'द संडे टेलीग्राफ' की रिपोर्ट में 4,400 से अधिक लोगों के जेएल पार्टनर्स के सर्वेक्षण में पाया गया कि 2019 के, आम चुनाव में टोरीज का समर्थन करने वालों में से 48 प्रतिशत ने कहा कि ब्रिटिश भारतीय पूर्व चांसलर एक अच्छे प्रधान मंत्री साबित होंगे।

क्या कहता है सर्वेक्षण

आपको बता दें कि यह पहला सर्वेक्षण भी है जो विदेश सचिव लिज ट्रस को दूसरे स्थान पर रखता है, जिसमें 39 प्रतिशत लोगों ने उन्हें प्रधानमंत्री के लिए और 33 प्रतिशत ने व्यापार मंत्री पेनी मोर्डंट के पक्ष में समर्थन किया है।

यह सर्वेक्षण बोरिस जानसन के उत्तराधिकारी को चुनने की दौड़ के रूप में किया गया है। क्योंकि अगले कंजर्वेटिव पार्टी के नेता इन तीन मुख्य दावेदारों के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर पूर्व समानता मंत्री केमी बडेनोच और संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष टाम तुगेंदत के साथ हैं।

जेएल पार्टनर्स के सह-संस्थापक ने कहा

जेएल पार्टनर्स के सह-संस्थापक और डाउनिंग स्ट्रीट के एक पूर्व पोलस्टर जेम्स जानसन ने अखबार को बताया, 'जिन लोगों ने मार्डंट के बारे में सुना है, उनमें से भारी विचार तटस्थता में से एक है।' उन्होंने कहा, 'सुनक मजबूत राय आमंत्रित करते हैं। इसके अलावा, एक तिहाई मतदाता सोचते हैं कि वह यदि शीर्ष पद रहे तो यह देख के लिए अच्छा होगा।'

वहीं दूसरी तरफ एक अलोकप्रिय क्षेत्र में जहां हर दूसरा उम्मीदवार नेट-नेगेटिव क्षेत्र में है। उनका मानना है कि स्कोर ड्रॉ जनता की पहली पसंद हैं। वहीं सभी मतदाताओं के बीच, सबसे लोकप्रिय नीति प्राथमिकता 'अर्थव्यवस्था को मोड़ना' थी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के बैकलाग को संबोधित करना और सार्वजनिक जीवन में विश्वास और अखंडता को बहाल करना क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा।

जबकि करों में कटौती, जो अब तक की सभी बहसों का केंद्र बिंदु बनकर उभरा है, चौथी प्राथमिकता थी, जिसे कुल मिलाकर 38 प्रतिशत मतदाताओं और 40 प्रतिशत कंजर्वेटिव मतदाताओं द्वारा चुना गया था।