बांग्लादेश में पूर्व चुनाव आयुक्त की जूतों से पिटाई, भीड़ ने मारे अंडे; जानें पुलिस ने क्यों किया गिरफ्तार
अवामी लीग के ज्यादातर नेता या अपदस्थ शासन के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी तत्कालीन सरकार के पतन के बाद गिरफ्तार कर लिए गए, नहीं तो वो देश छोड़कर भाग गए।
चुनाव आयोग के पूर्व चीफ को जूते से मारते लोग
ढाका, पीटीआई। बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त केएम नूरुल हुदा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान चुनावों में हेराफेरी करने का आरोप लगा है। इस बात की जानकारी पुलिस ने दी।
ढाका महानगर पुलिस क डिप्टी कमिश्नर मोहिदुल इस्लाम ने रविवार (22 जून, 2025) को बताया कि हुदा को हुदा को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ओर से पूर्व चुनाव आयोग प्रमुख और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत 18 अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया है।
हुदा को भीड़ ने जूतों से पीटा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोगों का एक समूह हुदा को जूतों से पीटता, उन्हें जूतों की माला पहनाता और उनके ऊपर अंडे फेंकता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में भीड़ उन्हें गंदी भाषा में गालियां देती और पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी उन्हें पीटती नजर आ रही है। हुदा पर हमले से सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया, जिसके कारण मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को आधी रात के आसपास एक बयान जारी करना पड़ा।
🚨 While Army Chief General Waker Uz Zaman has repeatedly said mob-justice or mob-violence shall not be tolerated, how are these Islamists allowed to hit former Chief Election Commissioner Nurul Huda with shoes in the presence of police? Is the Army Chief letting Bangladesh… pic.twitter.com/oMLmMeWeO2
— Salah Uddin Shoaib Choudhury (@salah_shoaib) June 22, 2025
'बांग्लादेश में पहली बार चुनाव आयुक्त गिरफ्तार'
डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि यह शायद पहली बार है कि किसी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनाव से जुड़े मुद्दों पर हिरासत में लिया गया है। उत्तरा पश्चिम पुलिस स्टेशन के प्रमुख हफीजुर रहमान ने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि भीड़ ने हुदा को घेर लिया है, जिसके बाद हम घटनास्थल पर गए। हमने उसे हिरासत में ले लिया है।"
क्या है मामला?
बीएनपी ने हुदा समेत 19 लोगों के खिलाफ हसीना शासन के तहत 2014, 2018 और 2024 में आम चुनाव लोगों के जनादेश के बिना कराने का मामला दर्ज कराया है। हसीना ने इन सभी चुनावों में जीत हासिल की थी।
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