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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ध्यान रहे! पाकिस्तान की यात्रा नहीं करनी है...', अमेरिका ने क्यों दी अपने नागरिकों को चेतावनी

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Sun, 09 Mar 2025 05:30 AM (IST)Updated: Sun, 09 Mar 2025 07:45 AM (IST)

अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया है कि इन क्षेत्रों में आतंकी ...और पढ़ें

अमेरिका ने दी भारत-पाक सीमा के पास के क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिका ने दी भारत-पाक सीमा के पास के क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की यात्रा न करने की चेतावनी
  2. पाकिस्तान में आतंकवादी हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि
  3. पाकिस्तान आतंकवाद से दुनिया का दूसरा सबसे अधिक देश

 पीटीआई, न्यूयॉर्क। अमेरिका ने आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष की आशंका के कारण भारत-पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा के आसपास के क्षेत्रों, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की यात्रा न करने की चेतावनी देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी की एडवाइजरी

अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया है कि इन क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियां और सशस्त्र संघर्ष हो सकते हैं। इसलिए लोगों को पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए। अमेरिकियों से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की यात्रा न करने को भी कहा गया है।

यह परामर्श राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी कांग्रेस को यह बताए जाने के कुछ दिनों बाद आया है कि पाकिस्तान ने 2021 के काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती बम विस्फोट में शामिल एक ISIS आतंकवादी को पकड़ लिया है, जिसमें 13 अमेरिकी सेवा सदस्य और लगभग 170 अफगान मारे गए थे।

पाकिस्तान आतंकवाद से दुनिया का दूसरा सबसे अधिक देश

ऑस्ट्रेलिया स्थित इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा प्रकाशित वैश्विक सूचकांक में पाकिस्तान को "आतंकवाद" से दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश बताया गया है, जिसमें दुनिया की 99.7 प्रतिशत आबादी को कवर करते हुए 163 देशों का सर्वेक्षण किया गया था।

पाकिस्तान में आतंकवादी हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि

पाकिस्तान में आतंकवादी हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, विशेष रूप से इसके पश्चिमी प्रांतों खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में, जहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे समूहों ने नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है।

अमेरिकी नागरिकों से पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करने का आग्रह

स्तर 3 के यात्रा परामर्श में अमेरिकी नागरिकों से पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है, जबकि कश्मीर के पाकिस्तानी और भारतीय भागों को अलग करने वाली वास्तविक सीमा के पास स्थित दो अशांत प्रांतों और क्षेत्रों को स्तर 4 का खतरा बताया गया है। परामर्श में कहा गया, "हिंसक चरमपंथी समूह पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचते रहते हैं।"

इसमें आगे कहा गया है कि आतंकवाद के कारण बलूचिस्तान प्रांत और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत की यात्रा न करें, जिसमें पूर्व संघ प्रशासित जनजातीय क्षेत्र (एफएटीए) शामिल हैं। साथ ही आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष की संभावना के कारण भारत-पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा के तत्काल आसपास के क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के 45 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पाकिस्तान के दो अलग-अलग शहरों में पुलिस ने अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के 45 से अधिक सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कराची में पुलिस ने कहा कि उसने 25 अहमदिया लोगों (जिनमें बच्चे भी शामिल हैं) को हिरासत में ले लिया है, क्योंकि बड़ी संख्या में कट्टरपंथी मुस्लिमों ने सुरजानी टाउन क्षेत्र में उनके इबादत स्थल को घेर लिया और शुक्रवार की नमाज अदा करने पर उनके खिलाफ नारे लगाए।

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