नई दिल्‍ली, जेएनएन। TU-160 vs US B-2 bomber : रूस से S-400 डिफेंस मिसाइल सिस्‍टम S-400 Defense Missile System लेने के बाद भारतीय वायु सेना अब रूस से खतरनाक बाम्‍बर जेट खरीदने जा रही है। एक बार फ‍िर भारत ने रूसी हथियारों पर अपनी निष्‍ठा दिखाई है। खास बात यह है कि यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब, यूक्रेन जंग और रूसी S-400 डिफेंस सिस्‍टम को लेकर भारत-अमेरिका के रिश्‍तों में तल्‍खी आई है। S-400 को लेकर अमेरिका में कई बार भारत के ऊपर प्रतिबंधों की बात उठ चुकी है। इसके साथ यह जानेंगे कि अमेरिकी बाम्‍बर और रूसी बाम्‍बर में कौन ज्‍यादा ताकतवर है। अमेरिकी बाम्‍बर की क्‍या खासियत है। आखिर रूस के इस बाम्‍बर से भारतीय वायु सेना कितनी ताकतवर हो जाएगी। इस विमान का नाम सुनते ही पाकिस्‍तान और चीन की बेचैनी क्‍यों बढ़ गई है।

B-2 स्पिरिट स्टील्थ बाम्बर की खूबियां (US B-2 Spirit Stealth bomber)

1- B-2 स्पिरिट स्टील्थ बाम्बर US B-2 Spirit Stealth bomber दुनिया में सबसे खतरनाक बाम्बर के तौर पर जाना जाता है। यह स्टील्थ एयरक्राफ्ट है। इसे कोई भी रडार ट्रैक नहीं कर सकता। ऐसे में यह दुश्‍मन को चकमा देने और लक्ष्‍य को भेदने में अत्‍यधिक सक्षम होता है। B-2 स्पिरिट स्टील्थ एक साथ 16 परमाणु बमों को अपने साथ लेकर उड़ सकता है। यह बाम्‍बर अपनी एक ही उड़ान में किसी भी देश के बड़े इलाके को तहस-नहस कर सकता है। इसकी कल्‍पना ऐसे की जा सकती है कि दो परमाणु बम गिरने से जापान के दो शहर समूचे नष्ट हो गए थे, ऐसे में उससे भी भारी 16 बम किसी देश पर गिरेंगे तो उसकी क्या हालत होगी।

2- हिंद महासागर में चीन और अमेरिका के तनाव के बीच B-2 स्पिरिट स्टील्थ बाम्बर सुर्खियों में रहा है। हिंद महासागर में चीनी सक्रियता के बाद अब ये बाम्‍बर हिंद महासागर में तैनात हो है। इसकी तैनाती भर से चीन की सेना में खलबली है। B-2 स्पिरिट स्टील्थ दुनिया का सबसे महंगा एयरक्राफ्ट है। अमेरिका के पास भी सिर्फ 20 B-2 स्पिरिट स्टील्थ बाम्बर हैं। हालांकि, ये 20 एयरक्राफ्ट सिर्फ एक उड़ान में 320 परमाणु बम ले जा सकते हैं। B-2 स्पिरिट स्टील्थ बिना रिफ्यूलिंग यानि बिना जमीन पर उतरे और बिना ईंधर भरे 11 हजार किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं। B-2 स्पिरिट स्टील्थ बाम्बर एक बार में 23 हजार किलोग्राम तक के हथियार ले जा सकता है।

3- बी-2 ऐसा बाम्बर है, जो लंबी दूरी के मिसाइल भी साथ ही लेकर उड़ने में सक्षम है। वर्ष 1999 के कोसोवो युद्ध में अमेरिका ने इन बाम्बरों के दम पर अकेले 33 फीसद टारगेट हिट कर दिए थे। अमेरिका ने इराक युद्ध में इस बाम्‍बर का इस्‍तेमाल किया था। इन बाम्‍बरों ने डिएगो गार्सिया से ही उड़ान भरकर इराक की तबाही की कहानी लिखी थी और फिर अफगानिस्तान से लीबिया तक इसने अपनी ताकत का लोहा मनवाया।

रूसी टीयू-160 बाम्‍बर जेट ( Russia Bomber Jet TU-160)

1- टीयू-160 बाम्‍बर जेट Russian Bomber Jet TU-160 एक हाइपरसोनिक ग्‍लाइड वेपन है। इसे टोपलोव टीयू-160 कहा जाता है। नाटो ने इसे ब्‍लैक जेक नाम दिया है। इस बाम्‍बर एयरक्राफ्ट का वजन 1.10 लाख किलोग्राम है। इसकी ऊंचाई 43 फीट है। 177.6 फीट लंबे इसे बाम्‍बर जेट का विंगस्पैन 182.9 फीट हैं। विमान के टेकआफ करते समय इसका वजन 2.75 लाख किलोग्राम तक पहुंच जाता है। इस बाम्‍बर जेट को चार वायुसैनिकों का क्रू उड़ाता है। एक पायलट, एक को-पायलट, एक बमब बार्डियर और एक डिफेंसिव सिस्टम आफिसर के साथ ये जेट टेकआफ करता है। युद्ध के समय इसकी काम्बैट रेंज 2000 किमी होती है, जंग के समय इसकी गति में बढ़ाकर 73,00 किलोमीटर किया जा सकता है। यह अधिकतम 52 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।

2- भारतीय वायु सेना Indian Air Force में शामिल होने के बाद वायु सेना को एयरस्‍ट्राइक करने में आसानी होगी। यह बाम्बर जेट 40,026 फीट की ऊंचाई पर अधिकतम 2220 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उड़ान भर सकते हैं। एक बार में यह जेट 12,300 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकता है। इस जेट को 960 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ाया जा सकता है। सीमा पर तनाव को देखते हुए भारतीय वायुसेना रूस के साथ एक बड़ा रक्षा सौदा करने की तैयारी में है। रूस में इस महाविनाशक बाम्‍बर जेट को टीयू-160 के नाम से जाना जाता है। इसे रूसी वायु सेना में 'सफेद हंस' भी कहा जाता है। ये जेट दुनिया का सबसे एडवांस्‍ड बाम्‍बर जेट है। जंग के मैदान में इसे देख दुश्‍मन के पीसने छूट जाते है। इसे हासिल करने का मतलब वायुसेना की ताकत को दोगुना बढ़ाना है। रूस के साथ एस-400 और हाइपरसोनिक वेपन टेक्‍नोलाजी की डील के बाद इस रक्षा सौदे से दोनों देश और नजदीक आए हैं। अभी तक हालांकि दोनों देशों की तरफ से इस पर कुछ भी नहीं कहा गया है।

3- Tu-160 के अपग्रेडेड वेरिएंट को पहले Tu-160M2 के रूप में जाना जाता है। हालांकि, अब इसे Tu-160M का नाम दिया गया है। यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कारपोरेशन (यूएसी) का दावा है कि इस विमान के 80 फीसद सिस्टम को अपग्रेड किया जा चुका है। यूएसी के जनरल डायरेक्टर यूरी स्लीसार ने बताया कि टीयू -160 विमानन उद्योग में सबसे बड़ी और सबसे उच्च तकनीक वाली परियोजनाओं में से एक है। यूएसी ने बताया कि नया टीयू-160एम 1960 फीट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ाया गया और लगभग 30 मिनट तक हवा में रहा। यह विमान आधुनिक एवियानिक्स, रडार और कम्यूनिकेशन सिस्टम के साथ लैस है। इतना ही नहीं, यह बाम्बर न सिर्फ बम बल्कि मिसाइलों को भी लंबी दूरी तक दागने में सक्षम है।

Edited By: Ramesh Mishra