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    Afghanistan: अफगानिस्तान की जेलों में बंद 19 हजार कैदियों में से 800 महिलाएं, तालिबान राज में ये सब क्या हो रहा है?

    By Jagran News Edited By: Siddharth Chaurasiya
    Updated: Wed, 10 Jan 2024 10:40 AM (IST)

    जेल प्रशासन कार्यालय के उप प्रमुख के अनुसार वर्तमान में पूरे अफगानिस्तान की जेलों में लगभग 19000 कैदी अलग-अलग सजा काट रहे हैं। वहीं देश के राष्ट्रीय टीवी चैनल आरटीए के साथ एक साक्षात्कार में हबीबुल्लाह बदर ने कहा कि देश में कोई निजी अनौपचारिक जेल नहीं है। उन्होंने जेल में बंदियों को यातना झेलने की खबरों का भी खंडन किया।

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    तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से अफगानिस्तान की महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

    एएनआई, काबुल (अफगानिस्तान)। 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से अफगानिस्तान की महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में महिलाओं पर जुल्म और भेदभाव के केस बढ़े हैं। जिसमें उनके बुनियादी अधिकारों का दमन भी शामिल है। TOLOnews की एक रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि वर्तमान में अफगानिस्तान की जेलों में बंद लगभग 19000 लोगों में से कम से कम 800 महिलाएं हैं।

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    क्या है जेल प्रशासन की दलील?

    जेल प्रशासन कार्यालय के उप प्रमुख के अनुसार, वर्तमान में पूरे अफगानिस्तान की जेलों में लगभग 19,000 कैदी अलग-अलग सजा काट रहे हैं। वहीं, देश के राष्ट्रीय टीवी चैनल आरटीए के साथ एक साक्षात्कार में हबीबुल्लाह बदर ने कहा कि देश में कोई निजी, अनौपचारिक जेल नहीं है। उन्होंने जेल में बंदियों को "यातना" झेलने की खबरों का भी खंडन किया और कहा कि कैदियों के साथ कोई यातना या दुर्व्यवहार नहीं किया जा रहा है।

    बदर ने यह भी दावा किया कि देश की जेलों में कोई राजनीतिक बंदी नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ विदेशी नागरिकों को विभिन्न आरोपों में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा, “हमारे पास पूरे अफगानिस्तान में जेलें हैं। निगरानी घर खुफिया निदेशालय के हैं। कोई भी यह साबित नहीं कर सकता कि देश में निजी जेलें हैं।"

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    महिला कैदियों को शैक्षिक प्रशिक्षण देने की मांग

    इस बीच, कुछ राजनीतिक और सैन्य विश्लेषकों ने अंतरिम सरकार से बंदियों के लिए शैक्षिक प्रशिक्षण शुरू करने का आग्रह किया। राजनीतिक विश्लेषक जहोरुल्लाह जहीर ने कहा, “बंदियों के लिए शिक्षा एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है। बंदियों को विभिन्न कौशल भी प्रदान किए जाने चाहिए।” एक सैन्य विश्लेषक अहमद खान अंडार ने कहा, "बंदियों के लिए कई शिल्प क्षेत्र होने चाहिए, ताकि जेल की सजा के बाद वे बेहतर बन सकें।"

    अफगानिस्तान में यह तब हुआ जब पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से "आतंकवाद, गलत तरीके से हिरासत में लेने, अपहरण और अपराध के कारण" अफगानिस्तान की यात्रा करने से परहेज करने का आग्रह किया था। विदेश विभाग ने बयान में कहा, "अमेरिकी नागरिकों को किसी भी कारण से अफगानिस्तान की यात्रा नहीं करनी चाहिए।"

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