UN ने की हमास हमले की निंदा, इजरायल को क्या दी सलाह; 10 पॉइंट में पूरी डिटेल
UN Reports on Israel-Hamas Attack: संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष के बाद गाजा पट्टी की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट में इजरायल पर फिलिस्तीनी नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने और अत्याचार को राज्य नीति बनाने का आरोप लगाया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल से एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित करने और अत्याचार के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने का आग्रह किया है।
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गाजा पट्टी। फोटो- रायटर्स
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 2 साल की तबाही के बाद गाजा पट्टी में काफी हद तक शांति स्थापित हो चुकी है। इजरायल और हमास (Israel-Hamas Attack) के हमलों पर ब्रेक लग चुका है। वहीं, अब संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में इजरायल समेत चार देशों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र अत्याचार विरोधी समिति ने इजरायल के अलावा अल्बानिया, अर्जेंटीना और बहरीन की आलोचना करते हुए आम लोगों पर अत्याचार और बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है।
1. संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के द्वारा इजरायल पर किए गए हमले की भी निंदा की। वहीं, जवाबी कार्रवाई में इजरायल के हमले को गलत ठहराते हुए समिति ने कहा कि इससे कई लोगों की जान चली गई और फिलिस्तीनी लोग अभी तक उसका दंश झेल रहे हैं।

फोटो- रायटर्स
2. कमेटी के अनुसार, "राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री समेत अन्य लोगों के द्वारा दिए गए उच्च स्तरीय बयान के आधार पर अत्याचार के खिलाफ सख्त सजा की राज्य नीति बनाई जानी चाहिए।"
3. समिति ने कहा कि यह निंदनीय है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद अत्याचार करना राज्य की नीति बन गई। खासकर इजरायल के द्वारा फिलिस्तीनी जमीन पर कब्जा करना सही नहीं था। इससे न सिर्फ भारी तबाही मची बल्कि, फिलिस्तीनी नागरिक बदतर हालत में जीने के लिए मजबूर हो गए।
4. कमेटी ने इजरायल से स्वतंत्र कमीशन का गठन करने की अपील की है, जो मामले की जांच करे और अत्याचार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त सजा दे। इसके अलावा इजरायल द्वारा गाजा में राहत कार्य भी चलाया जाना चाहिए।
5. संयुक्त राष्ट्र की कमेटी ने इजरायल को देश में कानूनी सुधार लागू करने की भी सलाह दी है। कमेटी के अनुसार, इजरायली कानून भी इस तरह के अत्याचार को अपराध बनीं मानता है। ऐसे में अगर आम लोगों पर किए गए अत्याचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
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फोटो - पीटीआई
6. कमेटी ने इजरायल से अपील की है कि संयुक्त राष्ट्र के कन्वेंशन के आधार पर अत्याचार की जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में नागरिकों के साथ इस तरह का बुरा बर्ताव नहीं किया जाएगा।
7. कमेटी ने हमास के हमले में मारे गए इजरायली नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है। समिति ने यह भी स्वीकार किया है कि हमास के होने से इजरायल के सामने लगातार खतरा बरकरार रहेगा।
8. इससे पहले कमेटी ने स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर प्रशासनिक हिरासत, एकांत कारावास समेत कई मामलों पर सिफारिश की थी। हालांकि, कमेटी ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इजरायल ने किसी भी सलाह को लागू नहीं किया।
9. इजरायल ने कब्जे में लिए गए फिलिस्तीनी क्षेत्र पर बातचीत करने के लिए हामी भर दी है। कमेटी ने इजरायल के इस कदम की सराहना करते हिए कहा कि इजरायल में आम नागरिकों पर दुर्व्यवहार करना कानूनी अपराध है और हमें उम्मीद है कि इजरायली कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र पर भी यह कानून लागू होगा।
10. कमेटी ने इजरायल को अंतर-सरकारी टास्कफोर्स बनाने की सलाह दी है, जो अत्याचार को अपराध मानकर उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने का काम करेगी।
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