Israel-Hamas War: 'गाजा में युद्धविराम और बंधकों की हो रिहाई...', UN में भारत ने फिर इजरायल-हमास युद्ध को लेकर दोहराया रुख
इजरायल और गाजा के बीच लगातार जंग जारी है। इस युद्ध को रोकने के लिए कई देशों ने कोशिश की लेकिन अभी भी युद्धविराम नहीं लग पाया। इस बीच UN की खुली बहस में भारत ने इजरायल-हमास के युद्ध पर टिप्पणी करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से युद्ध को खत्म करने की बात कही। साथ ही कहा कि फलस्तीन के विकास में सहयोग देने के लिए भारत वचनबद्ध है।

न्यूयार्क, एएनआइ। भारत ने गाजा में अविलंब युद्धविराम के साथ ही वहां बंधक बने इजरायली नागरिकों की रिहाई की आवश्यकता जताई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि इन दोनों कदमों के बिना क्षेत्र में शांति संभव नहीं है। इसलिए बिना समय गंवाए दोनों बिंदुओं पर समझौते के लिए माहौल बनाया जाए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप प्रतिनिधि आर रवींद्र ने कहा, फलस्तीन के विकास में सहयोग देने के लिए भारत वचनबद्ध है। फिलहाल भारत ने इस कार्य के लिए 12 करोड़ डालर की मदद दी है।
'भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है'
रवींद्र ने कहा, भारत इजरायल पर सात अक्टूबर, 2023 को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है। साथ ही गाजा में चल रहे इजरायल-हमास युद्ध में बड़ी संख्या में आमजनों के मारे जाने की भी निंदा करता है। भारत गाजा में संयम बरतने, तनाव कम करने और शांतिपूर्ण तरीके से गतिरोध खत्म किए जाने का पक्षधर है। भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है, इसके लिए भारत हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। हिंसा और टकराव को खत्म करने के लिए यह भारत की स्थायी नीति है।
कानून का पालन किए जाने का किया अनुरोध
भारतीय प्रतिनिधि ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार कानून का पालन किए जाने का अनुरोध किया है। भारत ने गाजा में शांति के लिए कतर और मिस्त्र द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
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