नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। सऊदी अरब के 33 वर्षीय क्राउन प्रिंस और भावी शासक मुहम्मद बिन सलमान मंगलवार देर रात भारत पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनकी आगवानी करने नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। वह पाकिस्तान यात्रा के ठीक बाद दो दिन की भारत यात्रा पर आए हैं। पुलवामा हमले के ठीक बाद उनके भारत आने से इस यात्रा का महत्व और बढ़ गया है। उनके दौरे से भारत को कई उम्मीदे हैं। हालांकि, उम्मीदों पर वह कितना खरा उतरेंगे, इसके लिए उनकी शख्सियत के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है।

दरअसल, सऊदी प्रिंस की शख्सियत के तीन विरोधाभाषी रंग हैं। एक तरफ जहां विवादित फैसलों की वजह से उनकी छवि तानाशाह की है, तो दूसरी तरफ सऊदी अरब के लिए उनकी नीतियां और कई फैसले उनकी उदारवादी छवि प्रस्तुत करते हैं। इन सबके बीच उनके महंगे शौकों की चर्चा सबसे ज्यादा होती है। आपको जानकार हैरानी होगी की मुहम्मद बिन सलमान को तीन साल पहले तक कोई नहीं जानता था। तीन साल में उन्होंने अपने कुछ विवादित फैसलों और चर्चित शौक के जरिए दुनिया भर में अपनी पहचान कायम की है।

पिता के राजा बनने पर आए सुर्खियों में
प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के पिता वर्ष 2015 में सऊदी अरब के राजा बने तो वह भी चर्चा में आ गए। इससे पहले सऊदी अरब के बाहर उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान का जन्म 31 अगस्त 1985 में हुआ था। वह तब के प्रिंस सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउदी की तीसरी पत्नी फहदाह बिन फलह बिन सुल्तान के सबसे बेटे हैं। उन्होंने देश की राजधानी रियाद स्थित किंग सउद विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है। इसके बाद वह कई सरकारी संस्थाओं में काम किया। मुहम्मद बिन सलमान उस वक्त चर्चा में आए जब उन्हें, उनके चचेरे भाई मुहम्मद बिन नईफ की जगह क्राउन प्रिंस बना दिया गया। ये फैसला उनके पिता और सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउदी ने लिया था। मुहम्मद बिन सलमान से पहले मुहम्मद बिन नईफ ही सऊदी के क्राउन प्रिंस थे।

पिता के सलाहकार भी रह चुके हैं
क्राउन प्रिंस बनने से पहले मुहम्मद बिन सलमान अपने पिता के विशेष सलाहकार भी रह चुके हैं। वर्ष 2009 में उनके पिता रियाद के गवर्नर थे। तब मुहम्मद बिन सलमान ने उनके सलाहकार की भूमिका निभाई थी। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्हें मंत्री पद का दर्जा देते हुए क्राउन प्रिंस कोर्ट का मुखिया बना दिया गया था। जनवरी 2015 में उनके पिता ने किंग बनने के बाद उन्हें रक्षा मंत्री बना दिया था।

यमन पर हमला
रक्षा मंत्री बनने के बाद मुहम्मद बिन सलमान ने पहला कदम यमन पर सैन्य हस्तक्षेप बढ़ाकर उठाया। वर्ष 2015 में उन्होंने अन्य अरबी देशों के साथ मिलकर यमन में सैन्य अभियान शुरू किया था। उस वक्त यमन के राष्ट्रपति अब्दाब्रूह मंसूर हादी हूती विद्रोही आंदोलन की वजह से निर्वासित हो गए थे। यमन पर हमला करने को लेकर सऊदी अरब की काफी आलोचना हुई। सऊदी अरब समेत उसके सहयोगी देशों पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगे थे।

पत्रकार जमाल खशोगी की क्रूर हत्या
सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान पर उनके ही देश के पत्रकार जमाल खशोगी की क्रूर तरीके से हत्या करवाने का भी आरोप लगता रहा है। जमाल, सुन्नी रियासत के खिलाफ लिखने की वजह से हमेशा विवादों में रहते थे। क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को सत्ता मिलने के बाद वह देश छोड़कर अमेरिका चले गए थे। वहां वह वॉशिंगटन पोस्ट के लिए काम कर रहे थे। 1987 से 1995 के बीच वह मोस्ट आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के साथ घूमते दिए और उनका साक्षात्कार लेने की वजह से सुर्खियों में रहे। वर्ष अक्टूबर 2018 में खशोगी की इस्तांबुल स्थित रियाद के वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि हत्या से पहले उनकी अंगुलियां काटकर उन्हें यातना दी गई थी। इसके बाद उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर तेजाब में डालकर खत्म कर दिया गया। इसलिए खशोगी का शव भी बरामद नहीं हुआ। पत्रकार की हत्या के बाद सऊदी अरब को अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ा था।

सऊदी के कई प्रिंस और अमीरों को बनाया बंदक
सऊदी प्रिंस पिछले साल उस वक्त भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने अपने देश के ही कई प्रिंस और अमीर लोगों को एक सप्ताह तक एक होटल में बंदन बना लिया था। बंदक बनाए गए लोगों पर उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। करीब एक सप्ताह बाद इन लोगों को मुक्त किया गया था। इसे लेकर भी सऊदी प्रिंस को देश के भीतर व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव का सामना करना पड़ा था।

विजन 2030 से बनाई उदारवादी छवि
प्रिंस ने विजन 2030 के तहत अपने तेल निर्भर देश को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसमें देश की सब्सिडी व्यवस्था को कम करना और सरकारी तेल कंपनी सऊदी अराम्को के निजीकरण का प्रस्ताव भी शामिल है। विजन 2030 को पूरा करने के लिए वह बीजिंग, मॉस्को और वॉशिंगटन जैसे देशों में गए थे। उन्होंने महिलाओं पर लगे कई प्रतिबंदों को हटा लिया। 1970 के दशक से अरब में बंद थिएटरों को खुलवा दिया। उन्होंने सऊदी अरब में 500 बिलियन डॉलर की सिलिकॉन सिटी बनाने की भी घोषणा की है। इस वजह से बहुत से लोग प्रिंस में उदारवादी छवि भी देखते हैं।

पेरिस में है दुनिया का सबसे महंगा बंगला
सऊदी प्रिंस अपने विवादित फैसलों को लेकर ही नहीं, बल्कि अपने महंगे शौक के लिए भी काफी चर्चित हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में पेरिस में 57 एकड़ का एक बंगला खरीदा है, जिसकी कीमत लगभग 21 लाख करोड़ रुपये है। उनका ये बंगला दुनिया के सबसे महंगे महलों में शामिल है। इस बंगले के सामने डिजाइन फव्वारे और अगल-बगल फलदार पेड़ों का सुंदर बाग है। यहां की पेटिंग, झूमर और इंडीरियर इसे और खास व आकर्षक बनाती है। इस बंगले में प्रिंस कभी-कभार ही आते हैं, लेकिन इसके रख-रखाव पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।

दुनिया की सबसे महंगी सुपर याट
प्रिंस के पास दुनिया की सबसे महंगी सुपर याट सेरेन भी है, जिसमें वह कभी-कभी अवकाश के दौरान फुर्सत के चंद लम्हे बिताते हैं। इस याट पर वह अपने खास मेहमानों के लिए पार्टी भी आयोजित करते हैं। प्रिंस ने ये सुपर याट भी वर्ष 2015 में खरीदी थी। इटली में बनी इस याट के हर मंजिल पर दुनिया भर के ऐशो आराम की व्यवस्था है। इसमें हर तल पर स्विमिंग पूल, नमक के पानी का पूल, सोना बाथ, सुपर हॉट टब और हेलिपैड आदि की सुविधा है।

एक सप्ताह की पार्टी पर खर्च किए 57 करोड़ रुपये
सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने करीब दो साल पहले मालदीव में करीब एक सप्ताह की शानदार पार्टी आयोजित की थी। इस एक सप्ताह की पार्टी पर तकरीबन 57 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। पार्टी में आने वाले मेहमानों के लिए मालदीव में करीब 50 आलीशान होटल व विला आदि बुक थे। इसमें दुनिया भर से उनके खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया था।

प्रिंस के पास हैं 18 महंगी कारें
सऊदी प्रिंस के पास 18 दुनिया की सबसे महंगी कारें हैं। इनमें बुगाती, रोल्स रॉयस, लैम्बॉर्गिनी, बेंटले, फेरारी जैसी कारें शामिल हैं। इन कारों के रखरखाव पर भी प्रति माह करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। कारों के अलावा प्रिंस को दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग्स खरीदने का भी शौक है। बताया जाता है कि प्रिंस की व्यक्तिगत संपत्ति तीन बिलियन डॉलर (करीब 214.20 अरब रुपये) है। उनकी सालाना आय 400 मिलियन डॉलर (करीब 28.6 अरब रुपये) है।

Posted By: Amit Singh

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