दुबई, एपी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शासकों ने शनिवार को ध्वनिमत से शेख मुहम्मद बिन जायद अल नाहयान को अरब प्रायद्वीप में अनुवांशिक रूप से प्रशासित देश का राष्ट्रपति नियुक्त करने की घोषणा की। देश के राष्ट्रपति एवं अबू धाबी के शासक 73 वर्षीय शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का शुक्रवार को निधन हो जाने के बाद यह पद रिक्त हो गया था।

देश में तीसरी बार सत्ता का हस्तांतरण

सरकार संचालित डब्ल्यूएएम न्यूज एजेंसी ने कहा है कि देश के सात शेख शासकों ने अबू धाबी में अल मुश्रिफ पैलेस में आयोजित बैठक में इस आशय का फैसला लिया। सात शेख शासकों द्वारा शासित अमेरिकी गठबंधन में शामिल इस देश में तीसरी बार सत्ता का हस्तांतरण हुआ है। 1971 में स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में सामने आने के बाद से यहां राष्ट्रपति प्रणाली है।

यूएई की ताकत बढ़ी

61 वर्षीय शेख मुहम्मद 2014 से यूएई के राष्ट्रपति के रूप में काम कर रहे थे। उनके सौतेले भाई शेख खलीफा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे थे। शेख मुहम्मद के नेतृत्व में क्षेत्र में यूएई की सैन्य शक्ति में वृद्धि हुई और यमन में जारी युद्ध में यह देश सऊदी अरब के साथ शामिल हुआ।

शोक मनाने यूएई जाएंगे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों

एएनआइ के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति ईमैनुएल मैक्रों ने राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन पर शोक मनाने के लिए रविवार को यूएई जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह शासक परिवार के लिए अपना समर्थन जाहिर करेंगे।

शेख खलीफा के शासनकाल में तेज विकास

उल्‍लेखनीय है कि शेख जायद बिन सुल्तान ने 1971 में संयुक्‍त अरब अमीरात के गठन के बाद 2 नंवबर, 2004 तक पहले राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था। उनके निधन के बाद शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान को उत्तराधिकारी के रूप में यूएई का राष्ट्रपति चुना गया था। 1948 में जन्मे शेख खलीफा संयुक्त अरब अमीरात के दूसरे राष्ट्रपति और आबू धाबी के 16वें शासक थे। उनके शासनकाल में यूएई ने तेजी से विकास किया।

Edited By: Krishna Bihari Singh