अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पहल पर कतर ने निभाई अहम भूमिका, ईरान ने युद्धविराम को दी हरी झंडी; जानें कैसे हुआ सीजफायर
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान को अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम पर सहमत कराया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर कतर के अमीर ने इसमें भूमिका निभाई। ईरान की सहमति के बाद, ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान और इजरायल 12 दिनों के संघर्ष को समाप्त करने के लिए पूरी तरह युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, जो अगले 6 घंटों में प्रभावी होगा। ट्रंप ने इसे मध्य पूर्व को विनाश से बचाने वाला ऐतिहासिक समझौता बताया।
-1750727443069.webp)
ईरान और इजरायल के बीच हुआ सीजफायर
एएनआई, दोहा। मिडिल-ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने एक अहम भूमिका निभाते हुए ईरान को अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम पर सहमति दिलाई। यह जानकारी रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से दी है जो इन वार्ताओं से अवगत हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कतर के पीएम और ईरानी अधिकारियों के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान ने युद्धविराम के लिए अपनी मंज़ूरी दी। यह बातचीत उस समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर के अमीर से संपर्क कर ईरान को मनाने की अपील की थी।
ईरान और इजरायल छह घंटे में युद्धविराम की करेंगे शुरुआत
ईरान की मंजूरी के कुछ ही घंटों बाद, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर घोषणा की कि ईरान और इजरायल 12 दिन से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए पूरी तरह युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।
ट्रंप ने लिखा, "यह एक पूर्ण और संपूर्ण युद्धविराम होगा जो अगले 6 घंटों में प्रभावी हो जाएगा, जब दोनों देश अपने अंतिम सैन्य अभियानों को समाप्त करेंगे। पहले 12 घंटे में ईरान और फिर अगले 12 घंटे में इजरायल युद्धविराम लागू करेगा और इसके बाद युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त माना जाएगा।"
उन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते को 12 दिनों के जंग का अंत बताया और कहा कि अगर यह युद्ध जारी रहता, तो यह पूरे मध्य पूर्व को बर्बाद कर सकता था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।