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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अमेरिका के मुंह पर जोरदार थप्पड़ मारा...' ईरान के सुप्रीम लीडर ने इजरायल के खिलाफ जीत का किया दावा

Published: Thu, 26 Jun 2025 05:18 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 26 Jun 2025 06:56 PM (GMT+05:30)

इजरायल-ईरान सीजफायर के बाद अयातुल्लाह खामेनेई ने कहा कि ईरान किसी भी हाल में अमेरिका या किसी के सामने आत्मसमर्पण ...और पढ़ें

ईरान के सुप्रीम लीडर  अयातुल्लाह खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी दी।(फाइल फोटो)

ईरान के सुप्रीम लीडर  अयातुल्लाह खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी दी।(फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल-ईरान सीजफायर के बाद  आज(26 जून) पहली बार अयातुल्लाह खामेनेई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा की ईरान किसी भी हाल में अमेरिका या किसी के सामने सरेंडर नहीं करेगा। वहीं अगर भविष्य में ईरान पर हमला हुआ तो हम करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं।

ईरान ने इजरायल को किया पराजित: खामेनेई 

खामेनेई ने कहा कि उनके देश ने इजरायल पर जीत दर्ज की है। वहीं ईरान ने अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा मारा है। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर टेलिकास्ट की गई एक वीडियो संदेश में खामेनेई ने कहा, इस्लामी गणराज्य की जीत हुई और बदले में अमेरिका के चेहरे पर तमाचा मारा।


खामेनेई ने आगे कतर में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डों पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने फिर ईरान पर हमला करने की कोशिश की तो हम पलटवार जरूर करेंगे।

'ईरान से सरेंडर करवाना चाहता है अमेरिका'

उन्होंने कहा, "ईरान के दुश्मन मिसाइलों या हमारे परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हैं, लेकिन वास्तव में वे हमारा आत्मसमर्पण चाहते हैं। ट्रंप ने इस सच्चाई को उजागर कर दिया है कि अमेरिका केवल ईरान के आत्मसमर्पण से ही संतुष्ट होगा। लेकिन आत्मसमर्पण कभी नहीं होगा, हमारा देश शक्तिशाली है।"

 खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान पर हमले कर अमेरिका को कुछ भी हासिल नहीं हुआ। 
 
बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों तक सैन्य संघर्ष चला था। इस सैन्य संघर्ष में 22 जून की सुबह अमेरिका की भी एंट्री हो गई थी। अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकाने, नतांज, फोर्डो और इस्फहान पर हमले किए थे। 
 
ट्रंप का दावा- ईरान के परमाणु संयंत्र तबाह 
 
इजरायल और ईरान का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका हमले में ईरान के परमाणु संयंत्र पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। वहीं, ईरान ने कहा है कि अमेरिका हमले में परमाणु संयंत्र को नुकसान तो हुआ है लेकिन पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं।