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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Israel-Hamas War: इजरायल-गाजा युद्ध के बीच हमास ने नए युद्धविराम समझौते का प्रस्ताव रखा, 129 बंधकों की रिहाई से पहले रखी ये मांगें

Published: Mon, 15 Apr 2024 06:47 AM (IST)

इजरायल-गाजा जंग के बीच युद्धविराम के इजरायली प्रस्ताव को खारिज करने के बाद अब हमास ने मध्यस्थों के सामने युद्धविराम ...और पढ़ें

इजरायल-हमास की जंग के बीच युद्धविराम के इजरायली प्रस्ताव को खारिज करने के बाद अब हमास ने मांगे रखी हैं।
इजरायल-हमास की जंग के बीच युद्धविराम के इजरायली प्रस्ताव को खारिज करने के बाद अब हमास ने मांगे रखी हैं।

एएनआई, तेल अवीव (इजरायल)। पिछले 6 महीने से चल रही इजरायल-हमास की जंग के बीच युद्धविराम के इजरायली प्रस्ताव को खारिज करने के बाद अब हमास ने मांगे रखी हैं। दरअसल, हमास ने मध्यस्थों के सामने युद्धविराम और बंधकों की रिहाई का समझौता प्रस्तुत किया है। जिसके तहत हमास ने मांग की है कि इजरायल 7 अक्टूबर से उसके (हमास संगठन) द्वारा रखे गए 129 बंधकों में से किसी को भी प्राप्त करने से पहले छह सप्ताह के युद्धविराम का पालन करे।

कथित तौर पर आतंकवादी समूह का प्रस्ताव शनिवार देर रात अमेरिका की मध्यस्थता वाले समझौते को खारिज करने के बाद प्रस्तुत किया गया। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में हमास ने इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) पर एक शर्त रखी कि उसे गाजा में सभी लड़ाई बंद करनी होगी और छह सप्ताह के लिए शहरी क्षेत्रों से पीछे हटना होगा, जिससे विस्थापित फलिस्तीनियों को उत्तर लौटने की अनुमति मिल सके।

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इसमें कहा गया है कि छह सप्ताह की समाप्ति के बाद ही किसी भी बंधक को रिहा किया जाएगा, आगे कहा गया है कि यह रुकी हुई शत्रुता के सप्ताहों का उपयोग बंधकों का पता लगाने और यह पता लगाने के लिए करेगा कि वे किस स्थिति में हैं।

आतंकी समूह के मसौदे में कहा गया है कि प्रत्येक इजरायली नागरिक के लिए 30 फलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा, जो कि नवंबर के सप्ताह भर के संघर्ष विराम के 3:1 अनुपात से भारी वृद्धि है। इसमें यह भी मांग की गई कि प्रत्येक बंदी सैनिक के बदले 50 फलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाए, जिनमें से 30 आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि इजरायल ने पहले भी इसी तरह की मांगों को 'भ्रमपूर्ण' कहकर खारिज कर दिया था और हमास ने फलिस्तीनी कैदियों की संख्या, साथ ही उनके अपराधों की गंभीरता की मांग की थी, जो पिछले कई दौर की वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है।

अमेरिका किसी भी आक्रामक कार्रवाई में भाग नहीं लेगा

सीएनएन ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से स्पष्ट कहा है कि वाशिंगटन ईरान के खिलाफ इजरायल के किसी भी जवाबी हमले का विरोध करेगा।

अमेरिकी समाचार पोर्टल एक्सिऑस ने व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि बाइडेन ने ईरान के हमले को विफल करने के लिए इजरायल, अमेरिका तथा अन्य देशों के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए नेतन्याहू से कहा, "आपकी जीत हुई है, जीत को स्वीकार कीजिये।"

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समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अधिकारी के हवाले से बताया कि जब बाइडन ने नेतन्याहू से कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रमक ऑपरेशन में शामिल नहीं होगा और न ही ऐसे किसी ऑपरेशन का समर्थन करेगा, तो नेतन्याहू ने कहा कि वह उनकी बात समझ गये हैं।