तेल अवीव, एएनआइ। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव हमेशा ही रहता है। गाजा और लेबनान से हमास (Hamas) और आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह (Hezbollah) द्वारा किए गए रॉकेट हमले में भले ही मौते कम हुई हों, लेकिन इजरायली नागरिक इससे बेहद डरे हुए रहते हैं। जब भी कोई रॉकेट दागा जाता है तो पूरे इजरायल में सायरन बजने लगते हैं और लोग बम आश्रयों या सुरक्षित ठिकानों की ओर भागना शुरू कर देते हैं।

इजरायल अपनी ओर दागे गए रॉकेटों को रोकने और नीचे लाकर उन्हें निष्क्रिय करने के लिए आयरन डोम का सहारा लेता है। आयरन डोम की सफलता दर 90 प्रतिशत है। यह कम, मध्य और लंबी दूरी के रॉकेट, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन, यूएवी और यहां तक ​​कि विमानों को रोकने में सक्षम हैं। यह आयरन डोम दागे गए रॉकेट को नीचे लाकर निष्क्रिय कर सकते हैं।

दोनो को मिला है ईरान का समर्थन

हालांकि, इजरायल के रक्षा बल अभी भी रॉकेट हमलों के बारे में बेहद चिंतित हैं। एक अनुमान के अनुसार गाजा में हमास के पास 30,000 रॉकेट हैं। लेबनान में हिज्बुल्लाह के पास 1,30,000 से अधिक रॉकेट हैं। इजरायल का मानना है कि इन दोनों को ईरान का समर्थन हाशिल है।

संयुक्त हमले से निपटने की स्थिति में नहीं है इजरायल

इजरायल के साथ चौतरफा युद्ध की स्थिति में हमास और हिज्बुल्लाह दोनों एक दिन में 4,000 रॉकेट हमले कर सकते हैं और इजरायल ऐसे संयुक्त हमलों से निपटने के लिए तैयार नहीं है।

इजरायल की सभी आबादी रॉकेट खतरें में

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आईडीएफ के पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता योनटन कोनिकोस ने कहा कि रॉकेट इजरायल के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा हैं। आज यह सिर्फ दक्षिणी भाग के बारे में नहीं है, अधिकांश यहूदी आबादी गाजा से रॉकेट के खतरे में है। लेबनान से इजरायल को खतरा है। गाजा में तीस हजार और लेबनान में एक लाख 30 हजार रॉकेट हैं। अगर कुछ भी होता है तो वे एक साथ उत्तर से एक लाख 30 हजार और दक्षिण से तीस हजार इजरायल के सभी लोगों पर हमला करेंगे। इजरायल की सभी आबादी रॉकेट खतरे में है।

इन रॉकेटों को रोकना होगा मुश्किल

साथ ही उन्होंने कहा कि आयरन डोम की सफलता 90 प्रतिशत है, जो अभूतपूर्व है। इजरायली रक्षा की सबसे बड़ी कमी इसकी मात्रा का मुद्दा है जब उत्तर से एक लाख तीस हजार रॉकेट और दक्षिण से तीस हजार दागे जाएंगे तो उन्हें रोकना मुश्किल है। हमें बड़ी संख्या में आयरन डोम चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पूरी तरह से युद्ध होता है तो, इजरायल के पास पर्याप्त आयरन डोम बैटरी नहीं है। गौरतलब है कि गाजा सीमा के पास के शहरों को रॉकेट हमलों का सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ा है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan

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