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    Israel Hamas War: युद्ध विराम के प्रयासों के बीच गाजा में नहीं थम रही लड़ाई, 24 घंटे में 150 फलस्तीनियों की मौत; 313 घायल

    Updated: Thu, 01 Feb 2024 06:00 AM (IST)

    गाजा में स्थायी संघर्ष विराम के नए प्रस्तावों पर हमास के विचार के बीच तनाव जारी है। लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही। सबसे भीषण लड़ाई दक्षिणी गाजा के शहर खान यूनिस में चल रही है। इजरायली सेना को यहां की सुरंगों में हमास कमांडरों के छिपे होने की आशंका है। इजरायली बल इन सुरंगों में पानी डालकर उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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    गाजा में जारी है जंग। (फोटो- एपी)

    एपी, यरुशलम। गाजा में स्थायी संघर्ष विराम के नए प्रस्तावों पर हमास के विचार के बीच तनाव जारी है। लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही। सबसे भीषण लड़ाई दक्षिणी गाजा के शहर खान यूनिस में चल रही है। इजरायली सेना को यहां की सुरंगों में हमास कमांडरों के छिपे होने की आशंका है। इजरायली बल इन सुरंगों में पानी डालकर उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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    उत्तरी गाजा में 15 आतंकियों की मौत

    इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने उत्तरी गाजा में मंगलवार को स्कूल में छिपे 15 हमास आतंकियों को मार गिराया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा है कि बीते 24 घंटे में इजरायली बलों के हमले में गाजा के विभिन्न क्षेत्रों में 150 फलस्तीनियों ने जान गंवाई और 313 घायल हुए हैं।

    ताजा मौतों से इजरायल के हमले में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 26,900 हो गई है। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। वहीं, इजरायली सेना ने बुधवार को कहा कि उसने मंगलवार को उत्तरी गाजा में 15 से अधिक हमास आतंकवादियों को मार गिराया और एक स्कूल में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया।

    आतंकियों को लगातार बनाया जा रहा निशाना

    इसमें कहा गया है कि हवाई और जमीनी हमले में गाजा शहर में शती शरणार्थी शिविर के बाहरी इलाके में छिपे आतंकियों को निशाना बनाया, जो 1948 में इजरायल के निर्माण के आसपास हुए युद्ध के समय का है और एक घने शहरी पड़ोस जैसा दिखता है।

    सेना ने नवंबर के मध्य में कहा था कि शती पर उसका नियंत्रण है। पिछले साल सात अक्टूबर से छिड़े युद्ध ने गाजा की 23 लाख की आबादी में से लगभग 85 प्रतिशत को बेघर कर अन्य हिस्सों में स्थानांतरित होने को मजबूर कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि एक चौथाई आबादी भूख से मर रही है।