गाजा में इजरायली हवाई हमलों में 31 लोगों की मौत, हमास का प्रवक्ता अबू उबैदा भी ढेर
गाजा पट्टी में इजरायली हमले जारी हैं जिनमें 31 लोगों की जान गई है। गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में भीषण गोलाबारी हुई जिससे कई मकान ध्वस्त हो गए। इजरायली सेना गाजा सिटी में घुसने से हिचक रही है क्योंकि वहाँ भारी खूनखराबे की आशंका है। हमास प्रवक्ता अबू उबैदा भी इजरायली हमले में मारा गया है। सेना लोगों को इलाका खाली करने के लिए कह रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजा पट्टी में रविवार को भी इजरायली हमले जारी रहे। इन हमलों में 31 लोगों के मारे जाने की सूचना है। गाजा सिटी में घुसकर जमीनी कार्रवाई करने और कुछ अन्य मसलों पर इजरायल सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक हुई है। इसमें कार्रवाई के दौरान होने वाले भारी खूनखराबे की आशंका पर विचार किया गया। बैठक का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
गाजा पट्टी के सबसे बड़े शहर गाजा सिटी के बाहरी इलाकों पर शनिवार-रविवार रात भीषण गोलाबारी और बमबारी हुई। इससे बड़ी संख्या में मकान ध्वस्त हुए हैं। इजरायली हमले की आशंका से उपनगरों के ज्यादातर मकान खाली हैं, उनमें रहने वाले इलाका छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, बावजूद इसके हमलों में 17 लोग मारे गए हैं। जबकि गाजा पट्टी के मध्य भाग में खाना लेने के लिए एकत्रित लोगों पर फायरिंग में 13 लोग मारे गए हैं।
इजरायली हवाई हमले में हमास प्रवक्ता ढेर
इजरायल के हमले में हमास का प्रवक्ता अबू उबैदा भी मारा गया है। इजरायली सेना गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में तीन हफ्ते से अभियान चला रही है लेकिन भीतर नहीं घुस रही है। इजरायल का मानना है कि गाजा सिटी हमास का सबसे मजबूत गढ़ है और यहीं पर इजरायल से अगवा कर लाए करीब 50 लोगों को रखा गया, इनमें से अब 20 के जीवित होने की संभावना है। यह शहर गाजा पट्टी के उस 25 प्रतिशत भाग में शामिल है जिस पर करीब 23 महीने की लड़ाई में इजरायली सेना कब्जा नहीं कर पाई है।
गाजा में अंदर घुसने से हिचक रही इजरायली सेना
घनी आबादी वाले गाजा सिटी में आमने-सामने की लड़ाई में भारी खूनखराबा हो सकता है, आम फलस्तीनियों के साथ ही इजरायली बंधक भी मारे जा सकते हैं। इसी डर से इजरायली सेना गाजा सिटी के अंदरूनी भाग में घुसने से हिचक रही है।
लगातार संदेश जारी कर और बाहरी इलाकों में हमले कर इजरायली सेना शहर के भीतर बसे लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रही है। लेकिन अंदरूनी इलाकों के लोग बहुत कम संख्या में बाहर जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि हमास के लड़ाके उन्हें जाने से रोक रहे हैं जिससे आमने-सामने की लड़ाई के समय आमजनों को ढाल बनाया जा सके और उस दौरान होने वाले खूनखराबे से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इजरायल का विरोध बढ़े।
(समाचार एजेंसी रायटर्स के इनपुट के साथ)
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