यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ईरान के पास ताकतवर मिसाइलों और खतरनाक ड्रोन का जखीरा, रूस यूक्रेन युद्ध में ईरानी Drone का दुनिया देख चुकी जलवा
Iran Missiles इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइलें ...और पढ़ें

जागरण डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने इजरायाल पर 180 के करीब ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। हालांकि इजरायल के डिफेंस सिस्टम ने दावा किया कि लगभग सभी मिसाइलों को मार गिराया गया। इसी बीच इजरायल ने भी साफ कर दिया कि सही समय आने पर ईरान को उचित जवाब दिया जाएगा। हालांकि इजरायल के लिए जितना सॉफ्ट टारगेट हिजबुल्लाह और हमास हैं, ईरान उससे कहीं ज्यादा ताकतवर है। पढ़िए ईरान के पास कौनसी खतरनाक मिसाइलें हैं।
ईरान के इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइलों के ताबड़तोड़ हमलों के बाद ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने दावा किया कि इजराइल के खिलाफ दागी गईं 90 प्रतिशत मिसाइलों ने सफलतापूर्वक अपने लक्ष्यों पर हमला किया।
ये खतरनाक मिसाइलें हैं ईरान के पास
ईरान के पास बताया जाता है कि 9 ऐसी खतरनाक मिसाइलें हैं जो इजरायल तक आसानी से पहुंच रखती है। इनमें सबसे खतरनाक मिसाइलों की बात करें तो सेजिल, खैबर, हज कासिम का नाम सबसे अव्वल आता है। 'एनडीटीवी' के अनुसार अमेरिका की संस्था आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन मुताबिक ईरान के पास शहाब-1, जुल्फगार, शहाब-3, इमाद-1, सेजिल हैं।
इजरायल पर कौनसी मिसाइलें दागी गईं?
रिपोर्ट के अनुसार जानकारों ने दागी गईं मिसाइलों के वीडियो पोस्ट और वीडियो के आधार पर बताया कि ईरान ने जो मिसाइलें इजरायल पर दागी हैं, वे सॉलिड और लिक्विड फ्यूल्ड मिसाइलें हैं। मंगलवार को दागी गई मिसाइलों में सॉलिड प्रोपेलैंट मिसाइल में 'हज कासिम', 'खैबर शेकन' और 'फतेह-1' शामिल हो सकती है। वहीं, लिक्विड प्रोपेलैंट मिसाइल की बात की जाए तो में इमाद, बद्र और खुर्रमशहर मिसाइलें हो सकती है।
रूसी और उत्तर कोरिया की डिजाइन पर आधारित हैं मिसाइलें
ईरान का मिसाइल प्रोग्राम व्यापक स्तर पर रूस और उत्तर कोरिया के डिजाइन पर आधारित है। आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के अनुसार ईरान के पास केएच-55, खालिद फर्ज भी हैं।
ईरान की किस मिसाइल की कितनी है ताकत?
ईरान की सेजिल मिसाइल की बात करें तो इसकी मारक क्षमता ढाई हजार किलोमीटर है। वहीं खैबर मिसाइल 2 हजार किमी दूर तक मार कर सकती है। हज कासिम की रेंज 1400 किमी है। वहीं शहाब-1 की क्षमता तुलनात्मक रूप से कम है, यह 300 किमी दूर के निशाने पर मार कर सकती है। जुल्फगार 700 किलोमीटर तो शहाब 3 एक हजार किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकने में सक्षम है। वहीं केएच 55 मिसाइल ईरान की सबसे दूरी तक मार करने वाली मिसाइल है। यह 3 हजार किलोमीटर दूर तक निशाना लगा सकती है।
रूस यूक्रेन युद्ध में ईरानी ड्रोन ने निभाई अहम भूमिका
ईरान के पास खतरनाक ड्रोन की श्रंखला भी है। शहीद-136 ड्रोन को सीरिया के गृहयुद्ध में और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के दौरान रूस ने बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा चुका है। इसके अलावा ईरान के पास ‘हेसा-शहीद’ सीरीज के कई ड्रोन मौजूद हैं। इनमें हेसा-शहीद सीरीज के 129 और 136 वाले ड्रोन की सर्वाधिक पूछपरख है।
हेसा शहीद-136 एक छोटा, प्रोपेलर-चालित यूएवी है। यह अपने साथ 30 किलो का विस्फोटक कैरी कर सकता है। साथ ही 112 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है। यानी यह ढाई हजार किमी के दायरे में अपने लक्ष्य तक उड़ान भरकर टारगेट पर निशाना साध सकता है।
