यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इजरायल से जमीनी मुकाबले के लिए हिजबुल्ला तैयार, बना लिया सीक्रेट प्लान! कहा- 2006 की तरह मिलेगा जवाब
Israel Hezbollah War अमेरिका का जोर है कि पश्चिम एशिया में हमले बंद होने चाहिए और बातचीत के जरिये मसले ...और पढ़ें

HighLights
- लेबनान में फलस्तीनी संगठनों के चार नेता मारे गए
- लेबनान ने कहा, इजरायल को दिया जाएगा जवाब
रॉयटर्स, बेरूत। (Israel Hezbollah War) लेबनान में जमीनी हमला जल्द शुरू करने की इजरायल की तैयारी के बीच हिजबुल्ला ने कहा है कि वह मुकाबले के लिए तैयार है, 2006 के युद्ध की तरह इजरायल को एक बार फिर मुंह की खानी होगी। हिजबुल्ला के उप प्रमुख नईम कासिम ने कहा है कि कई नेताओं को खोने के बावजूद हमारा हौसला कम नहीं हुआ है।
लेबनान सीमा पर इजरायली सेना का जमावड़ा
इजरायल में 150 किलोमीटर भीतर तक हमारे रॉकेट और मिसाइल हमले हो रहे हैं और जमीनी लड़ाई में भी हम मुकाबले को तैयार हैं। इस बीच लेबनान सीमा पर इजरायली सेना का जमावड़ा बढ़ रहा है, सोमवार को इजरायली रक्षा मंत्री योएव गैलेंट ने वहां पहुंचकर सैनिकों को संबोधित किया। लेबनान में इजरायल के ताजा हमलों में गाजा में सक्रिय फलस्तीनी संगठनों के नेता निशाना बने हैं।
अबू अल-अमीन की मौत
सोमवार को हमास ने कहा कि लेबनान के टीर शहर में इजरायली बमबारी में उसके नेता फतेह शरीफ अबू अल-अमीन की मौत हुई है, तो पोपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन आफ फलस्तीन (पीएफएलपी) ने बताया है कि बेरूत के मध्य में हुए इजरायली हमले में उसके तीन नेता मारे गए हैं। ये सभी लेबनान से संगठन की गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
लेबनान पर इजरायली हमले जारी
सोमवार को पहली बार इजरायली विमानों ने बेरूत के मध्य में बमबारी की। लेबनान में रविवार देर रात तक जारी रहे इजरायली हमलों में एक दिन में 105 लोग मारे गए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि तेहरान इजरायल के सभी आपराधिक कृत्यों का जवाब देगा, कोई भी मसला नहीं छोड़ा जाएगा।
हिजबुल्ला का पूरा नेतृत्व खत्म
इन हमलों ने ईरान समर्थित शिया सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला का पूरा नेतृत्व ही खत्म कर दिया है। करीब दस लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। एक लाख से ज्यादा लोग सीमा पार करके सीरिया चले गए हैं, इनमें बड़ी संख्या उन सीरियाई नागरिकों की है जो गृह युद्ध के चलते पलायन कर वर्षों पूर्व लेबनान में शरण लिए हुए थे।
