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    सीरिया के राष्ट्रपति भवन के पास धमाका, इजरायल ने हमला करने से पहले ही दे दी थी वॉर्निंग

    By Agency Edited By: Prince Gourh
    Updated: Fri, 02 May 2025 09:48 AM (IST)

    इजरायल की वायु सेना ने शुक्रवार को सीरिया के राष्ट्रपति भवन के पास हमला किया। इससे कुछ ही घंटे पहले सीरियाई अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी कि वे दक्षिणी सीरिया में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के गांवों की ओर न जाएं। यह हमला राजधानी दमिश्क के पास सीरियाई सरकार समर्थक बंदूकधारियों और ड्रूज अल्पसंख्यक समुदाय के लड़ाकों के बीच कई दिनों तक चली झड़पों के बाद हुआ।

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    इजरायल ने सीरिया के राष्ट्रपति भवन के पास किया हमला (फाइल फोटो)

    एपी, दमिश्क।  इजरायल की वायु सेना ने शुक्रवार को सीरिया के राष्ट्रपति भवन के पास हमला किया। इससे कुछ ही घंटे पहले सीरियाई अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी कि वे दक्षिणी सीरिया में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के गांवों की ओर न जाएं।

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    यह हमला राजधानी दमिश्क के पास सीरियाई सरकार समर्थक बंदूकधारियों और ड्रूज अल्पसंख्यक समुदाय के लड़ाकों के बीच कई दिनों तक चली झड़पों के बाद हुआ। इन झड़पों में दर्जनों लोग मारे गए या घायल हुए।

    एक सप्ताह में किया दूसरा हमला

    शुक्रवार की सुबह किया गया हमला, इस सप्ताह इजरायल द्वारा सीरिया पर किया गया दूसरा हमला था। इजरायल द्वारा राष्ट्रपति भवन के निकटवर्ती क्षेत्र पर किया गया हमला, सीरिया के नए नेतृत्व के लिए एक कड़ी चेतावनी प्रतीत होता है।

    गुरुवार को सीरिया के ड्रूज़ आध्यात्मिक नेता शेख हिकमत अल-हिजरी ने अल्पसंख्यक समुदाय पर "अनुचित नरसंहारक हमला" कहकर सीरिया सरकार की कड़ी आलोचना की। इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि लड़ाकू विमानों ने दमिश्क में राष्ट्रपति हुसैन अल-शरा के महल के क्षेत्र के पास हमला किया।

    पीपुल्स पैलेस के करीब हुआ हमाल

    सरकार समर्थक सीरियाई मीडिया आउटलेट्स ने कहा कि हमला शहर के ऊपर एक पहाड़ी पर पीपुल्स पैलेस के करीब हुआ। सोमवार आधी रात के आसपास झड़पें तब शुरू हुईं जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप प्रसारित हुई जिसमें एक व्यक्ति इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद की आलोचना कर रहा था।

    ऑडियो को ड्रूज़ मौलवी का बताया गया। लेकिन मौलवी मारवान कीवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि वह ऑडियो के लिए ज़िम्मेदार नहीं है, जिससे कई सुन्नी मुसलमान नाराज़ हो गए।

    सीरिया के सूचना मंत्रालय ने कहा कि दो अलग-अलग हमलों में देश के सुरक्षा बलों के 11 सदस्य मारे गए, जबकि ब्रिटेन स्थित युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि साहनाया और द्रुज बहुल दमिश्क उपनगर जरामाना में झड़पों में 56 लोग मारे गए, जिनमें स्थानीय बंदूकधारी और सुरक्षा बल के लोग शामिल हैं।

    क्या है ड्रुज?

    बता दें, ड्रूज़ धार्मिक संप्रदाय एक अल्पसंख्यक समूह है जो 10वीं शताब्दी में शिया इस्लाम की एक शाखा, इस्माइलिज़्म की शाखा के रूप में शुरू हुआ था। दुनिया भर में लगभग 1 मिलियन ड्रूज़ में से आधे से ज़्यादा सीरिया में रहते हैं, ज़्यादातर दक्षिणी स्वेदा प्रांत और दमिश्क के कुछ उपनगरों में रहते हैं।

    अन्य अधिकांश ड्रूज़ लेबनान और इज़रायल में रहते हैं, जिनमें गोलान हाइट्स भी शामिल है, जिसे इज़रायल ने 1967 के मध्यपूर्व युद्ध में सीरिया से छीन लिया था और 1981 में अपने में मिला लिया था।

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