अबु धाबी। दुनिया के सबसे बड़े विमान ए380 में सफर करना अपने आप में बड़ी बात है। यह हर किसी का सपना भी हो सकता है। लेकिन यदि बात की जाए दुनिया के इस सबसे बड़े विमान में बैठकर सबसे छोटी हवाई यात्रा की तो कुछ अटपटा जरूर लगेगा। लेकिन, अब यही सच हो गया है। दरअसल, अमिरात एयरलाइंस ने अपने एयरबर ए380 विमान के जरिए दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा की शुरुआत की है। दुबई से मस्‍कट के बीच का यह सफर महज 40 मिनट का है। एयरलाइंस ने बड़े विमान के साथ अपनी छोटी शुरुआत को लेकर कई ट्वीट भी किए हैं। आपको यहां पर ये भी बता दें कि दुबई से मस्‍कट की दूरी महज 340 किमी की है। एयरलाइंस डि‍विजनल सीनियर वाइस प्रेजीडेंट (कमर्शियल ऑपरेशन सेंटर) शेख माजिद अल मौला के मुताबिक इस रूट पर जाने वाले कई यात्री है। लिहाजा एयरलाइंस के लिए यह एक नया अनुभव होगा।

उनका कहना है कि ओमान अमिरात का प्रमुख डेस्टिनेशन है और यहां पर अपने यात्रियों को वक्‍त पर बेहतर सुविधा देने के साथ कंपनी यहां पर उड़ानों में इजाफा भी करेगी। अपनी छोटी शुरुआत के जरिए कंपनी ने अपना ही एक रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले कंपनी ने अपनी सबसे छोटी दूरी की हवाई सेवा दुबई से दोहा के बीच शुरू की थी। लेकिन 2017 में दोहा की सभी उड़ानों को रद कर दिया गया था। इसकी वजह कतर और दुबई के बीच उपजा तनाव था।

एयरबस ए380 की बात चली है तो आपको यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि दुनिया की सबसे लंबी उड़ान दुबई से ऑकलैंड के बीच नॉनस्‍टॉप फ्लाइट इसी एयरलाइंस ने अपने सबसे बड़े विमान के साथ शुरू की थी। मार्च 2016 में यह उड़ान शुरू की गई थी। हालांकि पहले इस यात्रा के लिए बोइंग 777-200LR विमान का इस्‍तेमाल किया जाता था, लेकिन ए380 के आने के बाद दिसंबर 2016 में कंपनी ने न्‍यूजीलैंड के इस शहर के लिए इस विमान को लगाया था।

सिडनी और डलास के बीच दुनिया की दूसरे नंबर की सबसे लंबी उड़ान सेवा क्‍वांता एयरलाइंस उपलब्‍ध कराता है। यह दूरी 13802 किमी की है। इसके बाद तीसरे नंबर पर दुबई से लॉस ऐंजेलिस की उड़ान आती है, जिसके बीच की दूरी 13395 किमी है। इसके बाद दुबई से ह्यूस्‍टन जो करीब 13118 किमी है आती है, फिर दुबई से सेन फ्रांसिस्‍को जो 13013 किमी है आती है।

अब जरा एयरबस ए380 विमान की खासियत पर भी एक नजर मार ली जाए

  • इस विमान में 469 यात्री एक साथ सफ़र कर सकते हैं। एयर बस के मुताबिक यदि सभी सीटें इकॉनमी क्लास की सीटें मिलाकर इसमें 853 लोग सफर कर सकते हैं।
  • शुरुआत में केवल 160 एयर बस ए-380 बने थे, लेकिन इस विमान में विभिन्‍न एयरलाइंस की दिलचस्‍पी की वजह से इसको बढ़ाया गया।
  • ए-380 इतना बड़ा विमान है कि इसके लिए हीथ्रो एयरपोर्ट के हैंगर्स को नए सिरे से संवारा गया। 1950 के बने 76 फीट ऊंचे हैंगर की ऊंचाई को 115 फीट बढ़ाना पड़ा है, तब जाकर ए-380 विमान उसमें समा पाया। दोनों हैंगर्स की ऊंचाई बढ़ाने में 18 महीने का वक्त लगा।"
  • ए-380 विमान में चार रोल्स रॉयस ट्रेंट के 900 टर्बोफैन के इंजन लगे होते हैं, जो विमान को जरूरी ताकत और स्‍पीड देते हैं।
  • भारत की बात करें तो जनवरी 2014 से पहले सरकार ने इस कंपनी के बड़े विमान पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। लेकिन 2014 में इसको हटा लिया गया था। इसी वर्ष सरकार ने दिल्‍ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलूर एयरपोर्ट से ए380 के परिचालन की मंजूरी दी थी। आपको बता दें कि सरकार की ओर से वर्ष 2008 में ए380 पर बैन लगाया गया था क्‍योंकि सरकार मानती थी कि इतने बड़े जेट की वजह से विदेशी एयरलाइन कंपनियां हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों का एक बड़ा हिस्‍सा अपनी ओर आकर्षित कर लेंगी। इसकी वजह से भारतीय कंपनियों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा और यह उनके हितों के लिए अच्‍छा नहीं होगा।
  • इस एयरक्राफ्ट का वजन 560 टन है और यह सात मंजिला इमारत जितना ऊंचा है।
  • यह जेट तीन श्रेणियों में बंटा हुआ है। इसका इंटीरियर आपको किसी फाइव स्‍टार होटल जैसी ही फील देता है। इसमें फाइव स्‍टार होटल जैसी लॉबी, रेस्‍ट रूम भी है।
  • यह जेट बिना रुके 15,700 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।
  • एक जेट की कीमत 390 मिलियन डॉलर ए 380 के हर एक जेट के निर्माण पर करीब 390 मिलियन डॉलर का खर्च आता है।
  • इसका किराया 30 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक का है।

 

Posted By: Kamal Verma

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