विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीरिया के पतन होते ही शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध, बाबा वेंगा की भविष्यवाणी बढ़ा देगी अमेरिका की टेंशन

Published: Sat, 07 Dec 2024 12:02 AM (IST)Updated: Sat, 07 Dec 2024 12:17 AM (IST)

बाबा वेंगा का जन्म 1911 में बुल्गारिया में हुआ है। उन्हें दुनिया भर में उनकी भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता ...और पढ़ें

बाबा वेंगा की डराने वाली भविष्यवाणी आई सामने।
बाबा वेंगा की डराने वाली भविष्यवाणी आई सामने।

HighLights

  1. अलेप्पो व हामा शहर पर विद्रोहियों का कब्जा।
  2. अब विद्रोही होम्स शहर की तरफ बढ़ने लगे हैं।
  3. असद के समर्थन में रूस और ईरान भी उतरे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 13 साल बाद सीरिया में विद्रोह शुरू हो गया है। देश के सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया है। इजरायल-हमास और इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच युद्ध के बाद मध्य पूर्व में एक नई जंग शुरू हो चुकी है। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थन में रूस और ईरान उतर आए हैं। वहीं विद्रोही होम्स शहर की तरफ बढ़ने लगे हैं। इस बीच बाबा वेंगा की भविष्यवाणी ने दुनिया को चौंका दिया है।

क्यों डरा रही बाबा वेंगा की भविष्यवाणी?

बाबा वेंगा का कहना है कि सीरिया के पतन से विश्व युद्ध की शुरुआत होगी। अब इस भविष्यवाणी को ऐसे समझे कि सीरिया में विद्रोहियों ने अलेप्पो और हामा शहर पर कब्जा कर लिया है। अब वह होम्स की तरफ बढ़ रहे हैं।

इसके बाद उनका अगला निशाना सीरिया की राजधानी दमिश्क होगी। दमिश्क में ही सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद रहते हैं। अगर विद्रोहियों ने दमिश्क पर कब्जा किया तो बशर अल असद सरकार का जाना तय हैं। ऐसे में बाबा वेंगा की यह भविष्यवाणी डराने वाली है।

तो तबाह हो जाएंगी पश्चिमी ताकतें!

बाबा वेंगा बल्गेरिया की रहने वाली थीं। 1996 में उनका निधन हुआ था। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि सीरिया का पतन ही वैश्विक संघर्ष की वजह बनेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि सीरिया के पतन के साथ ही पश्चिम और पूर्व की शक्तियों के बीच बड़ा युद्ध शुरू हो जाएगा। इस वसंत पूर्व में एक युद्ध शुरू होगा। यह तीसरा विश्व युद्ध होगा। यह युद्ध पश्चिम को तबाह कर देगा।

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विद्रोहियों का कब्जा

हयात तहरीर अल शाम के नेतृत्व में विद्रोही गुट असद की सरकार को ढहाने के प्लान में जुटे हैं। इन विद्रोहियों को तुर्की, इजरायल, अमेरिका और कई अरब देशों का साथ मिल रहा है। कई अन्य पश्चिमी देश भी इन गुटों को हथियार और फंडिंग देने में जुटे हैं। सीरिया के बड़े हिस्से पर इन विद्रोहियों का कब्जा है। अलेप्पो के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी विद्रोहियों का कब्जा है।

असद के साथ रूस और ईरान

सीरिया के बाकी हिस्से पर राष्ट्रपति बशर अल असद की सेना का कब्जा है। असद के साथ रूस और ईरान खुलकर खड़े हैं। रूस विद्रोहियों पर लगातार बमबारी भी करने में जुटा है। सीरिया के कई शहरों में रूस के सैन्य अड्डे भी हैं। सीरिया में असद सरकार के खिलाफ इससे पहले 2011 में विद्रोह पनपा था।

यह भी पढ़ें: सीरिया में खतरे में पुतिन के सैन्य ठिकाने, रूस को बमबारी करके पुल तोड़ना पड़ा; हिजबुल्ला ने लड़ाके तो ईरान ने हथियार भेजे

यह भी पढ़ें: किसानों को दबाने का हठ छोड़ केंद्र, कांग्रेस ने कहा- MSP की कानूनी गारंटी का वायदा निभाए मोदी सरकार