बीजिंग, आइएएनएस। चीन के शिनजियांग क्षेत्र की पुलिस कंप्यूटर सर्विस से हैक किए गए डाटा से क्षेत्र में उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार उजागर हुए हैं। डाटा से शिनजियांग में हिरासत केंद्रों की अत्यंत गोपनीय तस्वीरें और भागने का प्रयास करने वालों को गोली मारकर ढेर करने की नीति समेत कई जानकारी सामने आई है।

मिशेल की यात्रा पर चीनी सरकार का रहेगा कड़ा नियंत्रण

शिनजियांग पुलिस फाइल कहे गए ये आंकड़े इस वर्ष के शुरू में बीबीसी को मिले थे। महीनों तक जांच और पुष्टि के बाद क्षेत्र इन्हें प्रदर्शित किया गया है। इनका प्रकाशन ऐसे समय में हो रहा है, जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेत शिनजियांग के दौरे के लिए चीन पहुंची हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि उनकी यात्रा पर सरकार का कड़ा नियंत्रण रहेगा। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दक्षिणी शहर गुआंगझोउ में सोमवार को मिशेल से मुलाकात की। वह गुआंगझोउ से काशगर और शिनजियांग की राजधानी उरुमकी जाएंगी।

चीनी सरकार का दावा 2017 में पूरे शिनजियांग क्षेत्र में पुन: शिक्षा केंद्र खोले गए

बता दें कि शिनजियांग के हिरासत केंद्रों में लाखों उइगरों को बंदी बनाकर रखने और उन पर अत्याचार की खबरें आती रहती हैं। हालांकि चीन इन केंद्रों को शिक्षा केंद्र बताता है। चीनी सरकार का दावा है कि 2017 में पूरे शिनजियांग क्षेत्र में पुन: शिक्षा केंद्र खोले गए हैं। ये स्कूल के अलावा कुछ और नहीं हैं। लेकिन आंतरिक पुलिस निर्देश, निगरानी रोस्टर से उसके दावे का खंडन होता है।

मानवाता के खिलाफ अपराध हैं चीनी नीतियां

गौरतलब है कि न्यूयार्क स्थित ह्यूमन राइट्स वाच समेत दर्जनों अधिकार समूहों का कहना है कि चीनी सरकार ने सच को छिपाने के लिए शिनजियांग में उइगर और अन्य तुर्क समूहों के सदस्यों के खिलाफ सामूहिक हिरासत, यातना और अन्य अपराधों की व्यापक और व्यवस्थित नीतियां बनाई हैं जो मानवता के खिलाफ अपराध हैं।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan