नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में चिंता हो रही है। वायरस को लेकर तमाम तरह के एलर्ट घोषित किए जा रहे हैं। चीन में अब तक 300 लोगों की मौत भी हो चुकी है। चीन में इस वायरस के सबसे अधिक मरीज पाए जा रहे हैं। इसका केंद्र भी यहीं पाया गया है।

पूरे चीन में एलर्ट घोषित कर दिया गया है, टीमें इसकी रोकथाम के लिए लगी हुई हैं मगर उसके बाद अब चीन इससे निपटने के लिए और भी तैयारियां कर रहा है। चीन प्रशासन ने एक सप्ताह में कोरोना वायरस से पीड़ितों के लिए 1000 बेड के अस्पताल का निर्माण कर लिया है। अगले एक दो दिनों में इसमें इलाज मिलना भी शुरू हो जाएगा। डेलीमेल और शिन्हुआ न्यूज के अनुसार इस अस्थायी स्ट्रक्चर अस्पताल के लिए तेजी से काम शुरू किया गया था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। 

शनिवार से शुरू हुआ काम 

शनिवार की रात शहर के कैडियन जिले में जमीन के एक टुकड़े पर इसके लिए काम शुरू कर दिया गया। इस जमीन पर ट्रक और खुदाई करने वाले उपकरण जमा करके काम शुरू कर दिया गया है, 200 से अधिक लोग यहां पूरे जोश के साथ काम करने में लग गए हैं। राज्य के ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी द्वारा इसकी एक फुटेज भी जारी की गई है। जारी फुटेज में निर्माण स्थल पर लाइनिंग सामग्री रखने वाली लॉरियों को दिखाया गया है और दर्जनों उत्खनन करने वाले पहले से ही मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं। इन सबने अब इसका बेस तैयार कर लिया है। अब ये काम खत्म हो चुका है। 

रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में कई अस्थायी इमारतें शामिल हैं। ये अस्थायी इमारतें हैं। इस इमारत की बिल्डिंग को बनाने के लिए चार सरकारी-संचालित फर्मों, चाइना कंस्ट्रक्शन थर्ड इंजीनियरिंग ब्यूरो, वुहान कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग ग्रुप, वुहान म्यूनिसिपल इंजीनियरिंग डिज़ाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट और साथ ही वुहान ह्येन म्यूनिसिपल कंस्ट्रक्शन ग्रुप को सौंपा गया था।  

200 मशीनें और 500 श्रमिकों ने शुरू किया काम 

हुबेई डेली के अनुसार 500 श्रमिकों को इसके निर्माण के लिए लगाया गया था। उसके बाद में इनकी संख्या बढ़ा दी गई। वुहान कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग ग्रुप के डिप्टी मैनेजर ने बताया कि कंपनी वर्कफोर्स इकट्ठा करने की पूरी कोशिश कर रही थी, उस समय कुछ लोग कम थे। चीन कंस्ट्रक्शन थर्ड इंजीनियरिंग ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि फर्म ने 500 से अधिक श्रमिकों को स्टैंडबाय पर होने की बात कही थी। 

दरअसल चीनी नववर्ष से पहले यहां काम करने वाले श्रमिक बड़े शहरों से बाहर चले जाते हैं, इस वजह से इन दिनों थोड़ी कमी महसूस की जा रही थी मगर अब इनको बुलाकर काम खत्म कर लिया गया है। अस्पताल एक अस्थायी चिकित्सा केंद्र पर बनाना शुरू किया गया है, इसे 2003 में SARS से निपटने के लिए बीजिंग में सात दिनों में बनाया गया था। 

बंद किए गए ऐतिहासिक स्थल 

कोरोना वायरस की वजह से चीन ने अपने कई ऐतिहासिक जगहों को बंद कर दिया है। अब वहां पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई है। नए कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए पर्यटकों के आकर्षण और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को बंद करने की घोषणा की है। हुबेई प्रांत में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है। चीन में ग्रेट वॉल ऑफ चाइना और डिज्नीलैंड के हिस्से को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने वुहान कोरोना वायरस फैलने के डर से लोगों को रोकने की कोशिश की क्योंकि 10,000 लोग पहले से ही वायरस की चपेट में हैं। 

घरों में ताला लगाकर जा रहे लोग 

बीते कुछ दिनों में लगभग 14 शहरों के लगभग 40 मिलियन लोग अपने-अपने घर को छोड़कर जा चुके हैं। आलम ये है कि यहां सार्वजनिक परिवहन रुका हुआ है और सड़कें बंद हैं। इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और फ्लोरिडा के शोधकर्ताओं द्वारा लिखी गई एक रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि चीन के वुहान शहर में ही अकेले इस वायरस से लगभग 350,000 लोग संक्रमित हैं।

Posted By: Vinay Tiwari

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