यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ताइवान-हांगकांग के मुद्दे पर राष्ट्रपति शी दी दुनिया के बड़े देशों को धमकी, कहा- हमारा भविष्य उज्जवल
20th chinese communist party congress में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दुनिया को ताइवान और हांगकांग मुद्दे से दूर रहने की ...और पढ़ें

नई दिल्ली (आनलाइन डेस्क)। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने साफ कर दिया है कि वो ताइवान के मुद्दे पर किसी भी बाहरी देश की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी की कांग्रेस के पहले दिन दिए अपने संबोधन में ताइवान पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान उन्होंने किसी भी दूसरे देश का नाम लिए बिना सीधेतौर पर ताइवान से दूर रहने की हिदायत भी दी। इस दौरान उनके संबोधन में ताइवान के साथ ही हांगकांग का भी मुद्दा छाया रहा। इस पर भी उन्होंने दूसरे देशों को नसीहत दी और कहा कि हांगकांग हमारा अभिन्न अंग है इसलिए हमें इस बारे में कोई सलाह न दे कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

नहीं छुआ शिनजियांग का मुद्दा
आपको बता दें कि हांगकांग और ताइवान के मुद्दे पर विश्व के कई देशों ने कई मौकों पर और विभिन्न मंचों से चीन की नीति की कड़ी आलोचना की है। इन देशों में सबसे आगे अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा पश्चिमी देश भी रहे हैं। सीपीसी के पहले दिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हांगकांग और ताइवान के मुद्दे को तो उठाया लेकिन शिनजियांग के उइगरों का कोई जिक्र नहीं किया। इस मुद्दे से वो पूरी तरह से कन्नी काटते दिखाई दिए। ऐसा तब है जब कुछ समय पहले ही यूएन की एक रिपोर्ट में साफतौर पर चीन को शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी बताया गया था। हालांकि चीन ने हमेशा से ही इन रिपोर्ट्स का खंडन किया है। पिछले दिनों UNHRC में इस मुद्दे पर चीन के खिलाफ अमेरिका समेत कई देशों की तरफ से जो प्रस्ताव लाया गया था उसमें वोटिंग से भारत ने दूरी बनाई थी।
तीसरी बार सौंपी जा सकती है देश की कमान
उइगरों के मुद्दे पर अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने चीन की कड़ी आलोचना की है। इन देशों ने सीधेतौर पर यहां पर होने वाले अपराधों के लिए राष्ट्रपति शी चिनफिंग को ही दोषी ठहराया है। बीजिंग में चल रहा कम्यूनिस्ट पार्टी के इस कार्यक्रम में शी चिनफिंग को तीसरी बार राष्ट्रपति पद सौंपने की कवायद तय मानी जा रही है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन के साथ विश्व के संबंधों की तरफ ध्यान आकर्षित किया और कहा कि उसके सभी देशों के साथ मजबूत संबंध हैं। उन्होंने ये भी कहा कि विश्व की कुछ ताकतें ताइवान को उनसे अलग करने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने उन तमाम देशों को चेतावनी भी दी।
चीन का भविष्य उज्जवल
इस कार्यक्रम के दौरान कम्यूनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के करीब 200 सदस्यों का भी चयन किया जाएगा। इनमें से 25 सदस्यों को पार्टी की पोलित ब्यूरो में शामिल किया जाएगा। ये पोलित ब्यूरो पार्टी में सबसे ताकतवर माना जाता है। राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन का भविष्य पूरी तरह से उज्जवल है। लेकिन अभी काफी दूर जाना बाकी है। इसके ओपनिंग सेशन में शामिल करीब 2 हजार लोगों के सामने उन्होंने पूर्व में मिली अपनी उपलब्धियों का जिक्र भी किया।
.jpg)
.jpg)
