बीजिंग, ऑनलाइन डेस्क। 'चिनफिंग गद्दी छोड़ो, देश को अनलॉक करें, कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता छोड़ो' की गूंज चीन के कई इलाकों में सुनाई दे रही है। दरअसल यहां की जनता अब सख्त कोरोना प्रतिबंधों के बीच नहीं रहना चाहती है। जीरो कोविड पालिसी को लेकर चीन की जनता लॉकडाउन से परेशान हो गई है। इनका कहना है कि इस तरह के प्रतिबंधों के साथ अब और नहीं रहा जा सकता है। सोमवार को चीन में 40,052 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है। यह लगातार पांचवां दिन है जब कोरोना संक्रमितों के आंकड़े में वृद्धि दर्ज की गई।

गुरुवार को लगी थी आग, इसी से शुरू हुआ है पूरा हंगामा

शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमकी स्थित एक अपार्टमेंट में आग लगने के बाद चीन में हंगामा शुरू हुआ। इस घटना में 10 लोगों की जान चली गई। मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस प्रदर्शन ने उग्र रूप तब ले लिया, जब यह बात सामने आई कि लॉकडाउन के कारण दमकलकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में देर हुई।

आग लगने से हुई मौतों पर बीजिंग से लेकर शंघाई तक लोगों ने दुख जताया।

शुक्रवार का हाल

CNN के अनुसार, शुक्रवार को उरुमकी में लोग लॉकडाउन के विरोध में प्रदर्शन करने लगे, बंद घरों से निकलकर लोग सड़कों पर उतर आए थे। चीन में इस तरह का दृश्य काफी कम देखने को मिलता है। दरअसल यहां सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी विरोध की आवाजों को दबा देती है।

शनिवार को ये था हाल

शनिवार रात शंघाई में जिस वुलुमुकी रोड पर हजारों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे, वहां भारी पुलिस बल की उपस्थिति के बावजूद रविवार को भी प्रदर्शन हुए। यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच संघर्ष भी हो गया। इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट वीडियो में पुलिस को शंघाई में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करते हुए और आक्रोशित लोगों को उनकी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए देखा जा सकता है।

रविवार तक देश के कई इलाकों में होने लगे विरोध प्रदर्शन

कोविड प्रतिबंधों का यह विरोध बीजिंग और नांजिग में विश्वविद्यालयों के कैंपस तक पहुंच गया है। रविवार तक दर्जनों यूनिवर्सिटी कैंपस में हाथों में पोस्टर पकड़े छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन चीन के चेंगदू, गुआंगझोउ और वुहान तक में फैल गया, जहां लोगों ने कोविड प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग की है। राजधानी बीजिंग स्थित सिंघुआ यूनिवर्सिटी (Tsinghua University) के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया।

सोशल मीडिया पर चीन का हंगामा

चीन में जीरो कोविड पालिसी को लेकर हो रहे बवाल के वीडियोज और इमेज वायरल हो रहे हैं। इनमें छात्रों के हाथ में खाली सफेद पोस्टर पकड़े नारे लगा रहे हैं- 'लोकतंत्र और कानून, बोलने की आजादी (Democracy and rule of law! Freedom of expression!)। शंघाई में हुए विरोध प्रदर्शनों के इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए कई वीडियो में लोगों को खुलेआम चिनफिंग और कम्युनिस्ट पार्टी के विरद्ध नारेबाजी करते हुए सुना जा सकता है।

आलोचना से बचने को डिलीट किए गए वीडियो

विरोध प्रदर्शन को उग्र होते देख अपने बचाव में सरकार ने सोशल मीडिया पर से अनेकों वीडियो डिलीट कर दिए हैं।

गिराए गए कोविड टेस्टिंग कैंप

2019 के अंत में कोरोना महामारी की शुरुआत वुहान से ही हुई थी। अभी यहां लोगों में कोरोना प्रतिबंधों के खिलाफ काफी गुस्सा है। यह गुस्सा हिंसक प्रदर्शन में बदल चुका है। लोहे के भारी बैरिकेड्स को हटा लोगों ने कोविड टेस्टिंग कैंपों को गिरा दिया। इसी तरह की घटनाएं लानझोऊ जैसे अन्य शहरों में भी देखी गईं।

बीजिंग में प्रदर्शनों के बाद प्रतिबंधों को हटाया

उरमकी में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में हान चीन नागरिकों और उइगर मुस्लिमों ने हिस्सा लिया था। इसके अधिकारियों की ओर से कहा गया कि प्रतिबंधों में कमी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। वहीं. देश की राजधानी बीजिंग में प्रदर्शनों के बाद प्रतिबंधों को हटा लिया गया है।

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Edited By: Monika Minal

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