बीजिंग, एजेंसी। china space station: अमेरिका को हर मायने में टक्कर देने के लिए चीन तैयार हो रहा है। अपने निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन के लिए 29 नवंबर को चीन ने एक अंतरिक्ष यान के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को रवाना किया। तीनों अंतरिक्ष यात्री आज यानी बुधवार (30 नवंबर) को अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने सहयोगियों से मिले। बता दें कि 6 अंतरिक्ष यात्रियों का एकसाथ अंतरिक्ष में रहना चीन के लिए पहला जनसमूह बन गया है।

चीन ने तीन अंतरिक्ष यात्रियों को किया रवाना

चीन ने 29 नवंबर को अपने निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक अंतरिक्ष यान के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को रवाना किया। अंतरिक्ष यान शेनझोउ-15 को उत्तर-पश्चिमी चीन स्थित जियुक्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से रवाना किया गया था। इसमें तीन अंतरिक्ष यात्री- फी जुनलॉन्ग, डेंग किंगमिंग और झांग लू सवार हुए। चाइना स्पेस स्टेशन (सीएसएस) के निदेशक के सहायक जी किमिंग ने मीडिया को बताया कि फी जुनलॉन्ग इस मिशन के कमांडर होंगे। बता दें कि लॉन्ग मार्च-2 एफ रॉकेट के जरिए इसका प्रक्षेपण किया गया था।

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अंतरिक्ष यात्रियों का हुआ गर्मजोशी से स्वागत

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिक्ष स्टेशन में पहले से रह रहे तीन अंतरिक्ष यात्रियों ने नए तीन सदस्यीय चालक दल को गर्मजोशी से गले लगाया और सफल डॉकिंग के बाद एक ग्रूप तस्वीर भी ली। चाइना मैनड स्पेस एजेंसी (CMSA) के अनुसार, चीन के स्पेस स्टेशन को तैयार करने और काम सौंपने के लिए 6 अंतरिक्ष यात्रियों को लगभग पांच दिनों तक एक साथ रहना है और काम करना है।

अंतरिक्ष स्टेशन में 6 महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद पिछले तीन सदस्यीय दल पृथ्वी पर लौट आएंगे। सीएमएसए ने कहा कि इससे पहले, चीन के शेनझोउ-15 मानवयुक्त अंतरिक्ष यान ने बुधवार सुबह अंतरिक्ष स्टेशन संयोजन के साथ सफलतापूर्वक डॉक किया। स्पेसशिप ने बुधवार सुबह स्पेस स्टेशन के तियान्हे मॉड्यूल के फ्रंट पोर्ट के साथ एक तेज-स्वचालित मिलन स्थल का आयोजन किया और डॉक किया। पूरी प्रक्रिया में लगभग 6.5 घंटे लगे। यह पहली बार है कि अंतरिक्ष स्टेशन पर सवार चीनी अंतरिक्ष यात्रियों ने चालक दल के अंतरिक्ष यान की यात्रा देखी है।

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अंतरिक्ष स्टेशन रखने वाला एकमात्र देश होगा चीन

चीन द्वारा अपने अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भेजा गया ये तीसरा मानव मिशन है। स्पेस स्टेशन निर्माण पूरा होने के बाद चीन अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन रखने वाला एकमात्र देश होगा क्योंकि रूस का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) कई देशों की एक सहयोगी परियोजना है। बता दें कि चीन के अंतरिक्ष स्टेशन के इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

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Edited By: Nidhi Avinash

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