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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'तिब्बत के मुद्दे पर बोलने में सावधानी बरते भारत', दलाई लामा के उत्तराधिकारी को लेकर किरेन रिजिजू के बयान पर भड़का चीन

Published: Fri, 04 Jul 2025 06:36 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के दलाई लामा के उत्तराधिकारी चुनाव पर दिए बयान के बाद चीन ने प्रतिक्रिया व्यक्त की ...और पढ़ें

किरेन रिजिजू ने दलाई लामा के उत्तराधिकारी को लेकर की थी टिप्पणी (फोटो: रॉयटर्स)
किरेन रिजिजू ने दलाई लामा के उत्तराधिकारी को लेकर की थी टिप्पणी (फोटो: रॉयटर्स)

HighLights

  1. गादेन फोडरंग ट्रस्ट को उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार
  2. दलाई लामा के कार्यालय ने 2015 में की थी स्थापना
  3. चीन ने भारत को संभलकर बयान देने को कहा

पीटीआई, बीजिंग। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चुनने की प्रक्रिया पर अपना बयान दिया था। अब इस पर चीन की प्रतिक्रिया आई है। चीन ने कहा है कि भारत को तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर बयान देने में सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे इसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर न पड़े।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत को 14वें दलाई लामा की चीन विरोधी और अलगाववादी व्यवहार के बारे में पता होना चाहिए और शिजांग (तिब्बत) से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अपने शब्दों और कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए।

उत्तराधिकारी चुनने में चीन चलाना चाहता है अपनी मर्जी

बता दें कि चीन तिब्बत को शिजांग कहता है। 14वें दलाई लामा ने अपना उत्तराधिकारी चुनने के लिए 2015 में अपने कार्यालय द्वारा स्थापित गादेन फोडरंग ट्रस्ट को अधिकार दिया हुआ है। वहीं चीन इस मामले में अपना दखल रखना चाहता है और उसका कहना है कि उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया चीन की सरकार की नीतियों के तहत पूरी की जाए।

किरेन रिजिजू का बयान भारत की तरफ से इस मुद्दे पर पहली प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा था कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी पर फैसला स्थापित संस्था तिब्बती बौद्धों के नेता द्वारा ही लिया जाएगा, किसी और द्वारा नहीं। चीन ने कहा है कि भारत को शिजांग से जुड़े मुद्दों पर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए, जिससे चीन-भारत संबंधों के सुधार और विकास पर इसका असर न पड़े।

केंद्र सरकार के दो मंत्री किरेन रिजिजू और राजीव रंजन सिंह 6 जुलाई को धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन मंत्री की तरफ से कहा गया है कि जन्मदिन समारोह एक धार्मिक समारोह है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

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