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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SCO Meeting: गोवा की SCO बैठक में शामिल होने के लिए चीनी रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू आएंगे भारत

By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
Published: Tue, 25 Apr 2023 10:13 AM (IST)

चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू गोवा में 27-28 अप्रैल को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के सदस्यों के ...और पढ़ें

भारत आएंगे चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू। गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद पहला दौरा। (फाइल फोटो)
भारत आएंगे चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू। गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद पहला दौरा। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, एजेंसी। चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू भारत दौरे पर आने वाले हैं। गोवा में 27-28 अप्रैल को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्यों के बीच रक्षा मंत्रियों की बैठक में वे भाग लेंगे। बता दें कि 2020 की गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद चीनी रक्षा मंत्री का ये पहला भारत दौरा होगा।

जनरल ली शांगफू को पिछले ही महीने बीजिंग में रक्षा मंत्री बनाया गया है। पहले वे पिछले रक्षा मंत्री वेई फेंघ के उत्तराधिकारी थे। अमेरिका की तरफ से ली पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। उनके रक्षा मंत्री बनने के बाद से अनुमान लगया जा रहा था कि इससे अमेरिका-चीन के बीच रिश्तों में तनाव देखा जा सकता है।

कौन हैं जनरल ली शांगफू, जानिए

65 साल के ली शांगफू जिचांग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर में काम कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्हें स्ट्रैटिजिक सपोर्ट फोर्स ब्रांच का पहले सैनिक बनाया गया।

जानकारी के मुताबिक, 2015 में स्ट्रैटिजिक सपोर्ट फोर्स ब्रांच की स्थापना हुई थी। इसका उद्देश्य स्पेस, राजनीतिक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर टेक्निक के क्षेत्र में ध्यान केंद्रित करना था, साथ ही चीन का विकास करना भी था।

शांगफू का अमेरिका से क्या है विवाद?

ऐसा माना जाता है कि रूस से हथियार विक्रेता रोसोबोरोनेक्सपोर्ट से Su-35 फाइटर प्लेन एवं S-400 मिसाइल सिस्टम को खरीदने में शांगफू की अहम भूमिका थी। वे इस दौरान सैन्य आयोग में उपकरण विकास विभाग के निदेशक रहे थे। इसके बाद अमेरिका के विदेश विभाग ने उनके विभाग और रूसी संस्थाओं पर बैन लगा दिया था। इसके तहत अब रक्षा मंत्री अमेरिका से लेन-देन में हिस्सा नहीं बन सकते।