हांगकांग, रायटर। हांगकांग में हुए लोकतंत्र की मांग वाले हिंसक आंदोलन को देखते हुए चीन वहां पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करेगा। इससे चीन वहां पर मुख्य भूमि जितनी ही सख्ती से आंदोलनों से निपट सकेगा। चीन की ओर से कानून में संशोधन प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा, चीन ने यदि हांगकांग में यह हिमाकत की तो अमेरिका बेहद कड़ी कार्रवाई करेगा।

2019 में महीनों चले आंदोलन ने हांगकांग को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया था। लोकतंत्र की मांग के साथ ही वहां चीन से आजादी की मांग ने जोर पकड़ा था। हालात को काबू में करने के लिए चीन को वहां पर सैनिक सड़कों पर उतारने पड़े थे। 1997 में ब्रिटेन से चीन के कब्जे में आने के बाद हांगकांग में पहली बार इतनी विषम स्थिति पैदा हुई थी।

जल्द ही चीन की संसद में पेश होगा कानून

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक चीन की संसद में कानून में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के लिए बैठक हुई है। इसमें हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा की स्थिति मजबूत करने के लिए उसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के दायरे में लाने का फैसला किया गया। यह प्रस्ताव जल्द ही संसद में पेश होगा और एकदलीय राज व्यवस्था में इसका निर्विरोध पारित होना भी तय है। इसके बाद चीन को हांगकांग में सीधी कार्रवाई का कानूनी अधिकार मिल जाएगा। द साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट अखबार के मुताबिक संशोधित कानून लागू होने के बाद हांगकांग में हर तरह की विदेशी गतिविधि, आतंकवाद, देशद्रोह और हर तरह की सरकार विरोधी गतिविधि को सख्ती से रोका जा सकेगा।

कोरोना  से बेखौफ हांग कांग में हुआ था प्रदर्शन

बता दें कि अभी हाल ही में कोरोना से बेखौफ हांगकांग की जनता लोकतंत्र के लिए फिर से सड़कों पर उतर आई है। बीजिंग के नियंत्रण वाले हांगकांग शहर में सैकड़ों लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हिफाजत के लिए नारेबाजी करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार झड़प भी हुई। बाद में पुलिस ने चीन विरोधी नारेबाजी कर रहे 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था।

Posted By: Dhyanendra Singh

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