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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नियम बदलकर सेना में नई भर्ती करने में जुटा चीन, क्षमतावान युवाओं को ही नहीं पूर्व सैनिकों को भी देगा मौका

By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
Published: Thu, 13 Apr 2023 08:53 PM (IST)

चीन ने हाल ही में ताइवान के नजदीक तीन दिन का सैन्य अभ्यास किया था। इसमें पहली बार चीन के ...और पढ़ें

क्षमतावान युवाओं को ही नहीं पूर्व सैनिकों को भी मिलेगा मौका
क्षमतावान युवाओं को ही नहीं पूर्व सैनिकों को भी मिलेगा मौका

बीजिंग, पीटीआई। विश्व में बदल रहे सुरक्षा परिदृश्य, ताइवान और भारत के साथ सीमा पर चल रही तनातनी के बीच चीन ने अपनी सेना में भर्ती के नियमों में बदलाव किया है। अब उसने हाल के वर्षों में अवकाश प्राप्त कर चुके सैनिकों को सेना में कुछ वर्षों की अल्पकालिक सेवा का पुन: मौका देने का निर्णय लिया है। इन सैनिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद उन्हें कार्य करने का मौका दिया जाएगा।

युद्ध के लिए तैयार होने का किया एलान

चीन ने हाल ही में ताइवान के नजदीक तीन दिन का सैन्य अभ्यास किया था। इसमें पहली बार चीन के विमानवाहक पोत ने भी हिस्सा लिया था। उसी दौरान चीन ने अप्रत्याशित रूप से युद्ध के लिए तैयार होने का एलान किया। जाहिर है यह एलान अमेरिका को सुनाने के लिए किया गया है। अब इसी एलान की बाबत चीन अपनी सेना में भर्ती तेज करने जा रहा है।

आधारित युद्ध के लिए भी बनाया जाएगा सक्षम

केंद्रीय सैन्य आयोग के जारी किए संशोधित भर्ती नियमों के मुताबिक सेना में अब अधिक क्षमताओं वाले सैनिक भर्ती करने पर जोर होगा। ये सैनिक हर परिस्थिति में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे। इन्हें तकनीक आधारित युद्ध के लिए भी सक्षम बनाया जाएगा। नए नियम मई से प्रभावी हो जाएंगे। हांगकांग से प्रकाशित साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट अखबार के अनुसार यह भर्ती निकट भविष्य में होने वाले युद्ध की तैयारियों का हिस्सा है। इसमें ज्यादा क्षमता वाले युवाओं और पूर्व सैनिकों को भर्ती किए जाने पर जोर दिया गया है।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग पेश कर चुके हैं कार्ययोजना

चीन की सेना पहले भी अपनी लड़ाकू क्षमता बढ़ाने और 2027 तक विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेना बनने का एलान कर चुकी है। इसके लिए कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में सैन्य आयोग के चेयरमैन की हैसियत से राष्ट्रपति शी चिनफिंग कार्ययोजना भी पेश कर चुके हैं। जिन क्षमतावान पूर्व सैनिकों को सेना में पुन: कार्य करने का अवसर दिया जाएगा उन्हें उनकी पूर्व यूनिट में और रिटायरमेंट के समय तैनाती वाले पद पर ही नियुक्ति दी जाएगी।