Canada Election: कनाडा में कैसे होता है प्रधानमंत्री का चुनाव, क्या वोटिंग प्रोसेस? जानिए पूरी डिटेल
Canada General Election 2025 कनाडा में सोमवार को होने वाले संसदीय चुनाव में वोटिंग होगी। इस चुनाव में देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा। चुनाव में मुख्य मुकाबला लेबर पार्टी के नेता मार्क कार्नी और कंजरवेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलिवरे के बीच है। कनाडा में प्रधानमंत्री का चुनाव कैसे होता है इसकी पूरी जानकारी इस लेख में दी गई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कनाडा के मतदाता सोमवार (28 अप्रैल) को संसदीय चुनाव (Canada General Election) के लिए वोटिंग करने जा रहे हैं। चुनाव के बाद कनाडा को नया प्रधानमंत्री मिलेगा। रविवार को उम्मीदवारों ने मतदाताओं के बीच अंतिम प्रचार किया था।
प्रधानमंत्री की रेस के लिए दो नेताओं के बीच सीधी टक्कर है। चुनाव में मुख्य मुकाबला लेबर पार्टी के नेता मार्क कार्नी (Mark Carney) और कंजरवेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलिवरे (Pierre Poilievre) के बीच है। हालांकि, कई चुनावी सर्वे कंजरवेटिव पार्टी को मजबूत बता रही है। पियरे पोलिवरे ने 'कनाडा फर्स्ट' का नारा देकर देश में आर्थिक सुधार और सख्त आव्रजन नीतियों की वकालत की है।
कनाडा में प्रधानमंत्री का चुनाव कैसे होता है?
अब बात कनाडा में चुनावी प्रक्रिया की जाए। कनाडा में 343 संघीय क्षेत्र हैं, जिन्हें निर्वाचन क्षेत्र या चुनावी जिले भी कहा जाता है। चुनावी जिले के पास हाउस ऑफ कॉमन्स में एक सीट होती है। निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ कॉमन्स की हर सीट पर चुनाव होता है। ब्रिटेन के जैसे ही कनाडा में भी 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' की चुनाव प्रणाली है।
हर क्षेत्र में जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं वो उस जिले के सांसद नियुक्त किए जाते हैं। वहीं, जिस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें हासिल होती हैं उसके नेता सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं। वहीं दूसरा सबसे बड़ा दल मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा हासिल करता है।
वहीं, अब सवाल है कि अगर किसी पार्टी को बहुमत न मिला तो क्या होगा? इसका जवाब है कि अगर किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता है तो नतीजों को हंग पार्लियामेंट के रूप में देखा जाता है, या फिर माइनॉरिटी सरकार का गठन होता है। वहीं, ऊपरी सदन सीनेट के सदस्यों की नियुक्ति की जाती है, वो चुनाव नहीं लड़ते हैं।
चुनाव में वोट कौन डाल सकता है?
- चुनाव में वोट डालने के लिए कनाडा का नागरिक होना जरूरी है।
- मतदाता की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
- मतदाता की आइडेंटी और उसके पास एड्रेस प्रूफ होना चाहिए।
क्या कहते हैं ओपिनियन पोल्स?
कनाडा ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने नेशनल पोलिंग एवरेज का जो डेटा शेयर किया उसके अनुसार 2023 और 2024 में लिबरल्स पार्टी के समर्थन में लगातार कमी दर्ज की गई है। वहीं, कंजर्वेटिव के समर्थन में इजाफा देखने को मिला है।
अब बात करें चुनाव के बड़े चेहरों की।
मार्क कार्नी
अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने वाले और साल बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर रह चुके
मार्क कार्नी फिलहाल कनाडा के प्रधानमंत्री हैं। वो ट्रंप की टैरिफ नीति प्रमुख आलोचकों में से एक हैं। उनका जोर आर्थिक स्थिरता और हरित ऊर्जा पर रहता है।
पियरे पोइलिवर
कंरर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे को टैक्स कटौती और आवास निर्माण को बढ़ावा देने वाले नेताओं में से एक माना जाता है।
जगमीत सिंह
वो न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के सिख मूल के नेता हैं। 46 वर्षीय जगमीत सिंह (Jagmeet Singh) की राजनीति मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। वो साल 2019 में सांसद चुने गए थे। साल 2021 में एनडीपी ने लिबरल पार्टी को सरकार बनाने में सपोर्ट किया था।
कई चुनौतियों से गुजर रहा कनाडा
हाल ही में कनाडा में जबरदस्त राजनीतिक उथल-पुथल मच थी। जस्टिन ट्रूडो को प्रधानमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। ट्रूडो के इस्तीफे के बाद मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कानाडा को अमेरिका का 51 वां राज्य बनाने की बात कर रहे हैं। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका और कनाडा के रिश्ते काफी बिगड़ चुके हैं।
वहीं, पिछले कुछ साल से भारत और कनाडा के रिश्ते भी कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं। 18 जून 2023 को आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या हो गई थी।
कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या के पूछे भारतीय एजेंसियों का हाथ बताया था। भारत ने कनाडा के आरोपों को बेबुनियाद बताया था। इस घटना के बाद दोनों देशों को रिश्तों में काफी कड़वाहट बढ़ गई है। चुनाव के बाद कनाडा के नए प्रधानमंत्री के सामने कई चुनौतियां हैं।
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