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वाशिंगटन, द न्यूयॉर्क टाइम्स। अक्सर खाना खाते या जोर से हंसने के दौरान हमें हिचकी आ ही जाती है। हिचकी आना बहुत आम बात है। इसको लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती है। कुछ कहते हैं कि किसी के याद करने पर हिचकी आती है तो कुछ मानते हैं कि किसी का कुछ चुराकर खाने से हिचकी आती है। क्या वाकई में यही कारण हैं या ये सिर्फ लोगों के बीच फैली भ्रांति है? वैज्ञानिकों की माने तो यह सिर्फ भ्रांति ही है। हिचकी का संबंध किसी के याद करने से नहीं, बल्कि सांस से जुड़ा है।

अमेरिकन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियन के डॉ. जॉन कुलेन ने कहा, ' हिचकी सबको आती है लेकिन फिर भी इसकी बारे में लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं है। दरअसल, जिन चीजों को खतरा नहीं माना जाता है, उनपर ज्यादा अध्ययन भी नहीं होता है।'

आखिर क्यों आती है हिचकी ?
पेट व फेफड़े के बीच स्थित डायाफ्राम और पसलियों की मांसपेशी में संकुचन हिचकी आने की प्रमुख वजह है। डायाफ्राम के सिकुड़न से फेफड़ा तेजी से हवा खींचने लगता है, इसी के चलते व्यक्ति को हिचकी आती है। इसके अलावा हिचकी आने का एक कारण पेट से भी जुड़ा है। खाना खाने या गैस के चलते पेट बहुत ज्यादा भरा हो तो उससे भी हिचकी आती है। वैज्ञानिकों की माने तो पाचन या श्वास नली में अत्यधिक हलचल व गड़बड़ी से व्यक्ति को हिचकी आ सकती है। गर्म या तीखा खाना खाने, जल्दी-जल्दी खाने से भी हिचकी आती है। बहुत जोर से हंसने के चलते भी डायाफ्राम में संकुचन हो जाता है, जिससे हिचकी आ सकती है।

एक मिनट में चार से 60 बार तक आ सकती है हिचकी
आमतौर पर बच्चों को हिचकी ज्यादा आती है। उम्र बढ़ने के साथ हिचकी का आना कम जरूर होता है, लेकिन बंद नहीं होता है। जिस तरह लोगों के छींकने का तरीका अलग होता है, उसी प्रकार सबको हिचकी भी अलग-अलग तरीके से आती है। एक मिनट में व्यक्ति को चार से 60 बार तक हिचकी आ सकती है। आयोवा के रहने वाले चा‌र्ल्स ऑसबोर्न को लगातार 68 वर्ष तक हिचकी आई थी। इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉ‌र्ड्स में दर्ज है।

बीमारी का भी हो सकता है संकेत
सामान्यत : हिचकी कुछ मिनट या घंटे में ही खत्म हो जाती है। हालांकि, हिचकी यदि कई दिन या हफ्ते तक जारी रहे तो यह गंभीर समस्या हो सकती है। अमेरिका में हर साल हिचकी से होने वाली परेशानी के कारण चार हजार लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं। तनाव, बेचैनी आदि के कारण भी हिचकी आ सकती है। इसके अलावा निमोनिया, मस्तिष्क व पेट के ट्यूमर, पार्किसन, डायबिटीज और किडनी की बीमारियों के कारण भी हिचकी आ सकती है।

मां के गर्भ से शुरू हो जाती है हिचकी
व्यक्ति को मां के गर्भ से हिचकी आना शुरू हो जाता है। डॉ. कुलेन ने कहा, 'कई बार अल्ट्रासाउंड के दौरान 17 या 18 हफ्ते के भ्रूण को हिचकी आते देखा जा सकता है। आमतौर में भ्रूण में फेफड़े के विकसित होने की वजह से हिचकी आना शुरू हो जाती है।

हिचकी रोकने में कारगर है घरेलू नुस्खे
पेट के डॉक्टर स्कॉट गबार्ड कहते हैं कि हिचकी का कारण पता हो तो उसका इलाज भी आसान हो जाता। इसके अलावा घरेलू नुस्खे जैसे चीनी या पानी आदि से भी हिचकी रोकी जा सकती है। अगर हिचकी कई घंटों तक नहीं रुके तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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