'पुतिन से दोस्ती की कीमत चुका रहा भारत', 50 प्रतिशत टैरिफ पर बोले अमेरिकी सीनेटर; जयशंकर ने दिया करारा जवाब
अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है जो 27 अगस्त से लागू है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों को चेतावनी दी है जिसमें भारत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत पुतिन का समर्थन करने की कीमत चुका रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ को अनुचित बताया है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार टैरिफ का असर अल्पकालिक होगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। US tariffs on India: अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। ये टैरिफ गत 27 अगस्त से लागू हो गया है। अमेरिकी टैरिफ का असर कई सेक्टर्स पर देखने को मिलने भी लगा है। इस बीच अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत समेत उन सभी देशों को चेतावनी दी है, जो रूस से तेल खरीदते हैं।
दरअसल, गुरुवार को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने गुरुवार को संकेत देते हुए कहा कि जो भी देश इस समय रूस से तेल खरीदने वाले देशों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत पुतिन का समर्थन करने की कीमत चुका रहा है।
'पुतिन को समर्थन देने की कीमत चुका रहा भारत'
अमेरिकी सीनेटर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत, चीन, ब्राजील और अन्य देश जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को सहारा दे रहे हैं: इस समय आपको कैसा लग रहा है कि आपकी खरीद के कारण बच्चों सहित निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हैं? भारत पुतिन को समर्थन देने की कीमत चुका रहा है। बाकी देशों को भी जल्द ही भुगतना पड़ेगा।
बता दें कि अमेरिकी सीनेटसीटर की ये टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब रूस ने गुरुवार को कीव पर मिसाइलों की बारिश की। इस हमले में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर भी सामने आई। बता दें कि हमलों में शहर में यूरोपीय संघ के राजनयिक मिशन को भी नुकसान पहुंचा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका पर साधा निशाना
इन सब के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल में ही अमेरिका पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने (अमेरिका) भारतीय वस्तुओं पर अनुचित और अनुचित टैरिफ लगाए हैं। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने भारत द्वारा रूस से तेल खरीद के कारण दंड के रूप में टैरिफ को 50 फीसदी कर दिया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमारी चिंता इस बात को लेकर है कि लाल रेखाएँ मुख्य रूप से हमारे किसानों और कुछ हद तक हमारे छोटे उत्पादकों के हित में हैं। इसलिए जब लोग कहते हैं कि हम सफल हुए हैं या असफल, तो हम एक सरकार के रूप में अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम इस पर दृढ़ हैं। यह ऐसा कुछ नहीं है जिस पर हम समझौता कर सकें।
टैरिफ का असर कम समय के लिए ही होगा
वहीं, वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि अमेरिका द्वारा थोपे गए टैरिफ का प्रभाव बेहद कम समय के लिए होगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि माना जा रहा है कि 50 प्रतिशत टैरिफ का व्यापार पर, खासकर उन क्षेत्रों पर, असर पड़ेगा जिन पर टैरिफ लागू हैं। अमेरिका में उन्हें कुछ व्यापारिक नुकसान होगा। कपड़ा, रसायन, मशीनरी आदि पर अल्पावधि में असर पड़ेगा, लेकिन यह बहुत दीर्घकालिक नुकसान नहीं होगा। (समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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