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अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप को झटका, SC ने ठुकराई कैलिफोर्निया के 20 हजार बैलेट पेपर अलग करने की मांग

Published: Tue, 03 Nov 2026 08:25 AM (IST)

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले कैलिफोर्निया में 20,000 बैलेट पेपर को गैर-नागरिकों से जुड़ा बताकर रद्द करने की ट्रंप प्रशासन की अपील खारिज कर दी।

मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप को झटका (फोटो- रॉयटर्स)

मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप को झटका (फोटो- रॉयटर्स)

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के मतदान से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा कानूनी झटका दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कैलिफोर्निया में लगभग 20,000 बैलेट पेपर को गैर-नागरिकों से जुड़ा बताकर अलग करने या रद करने की प्रशासन की आपातकालीन अपील को बिना कोई कारण बताए खारिज कर दिया।

दरअसल, कोर्ट ने कैलिफोर्निया की मतदाता सूची में शामिल उन लोगों से जुड़े विवाद में दखल देने से इनकार कर दिया, जिन्हें संघीय सरकार ने संभवतः गैर-नागरिक के रूप में चिह्नित किया था। ट्रंप प्रशासन की ओर से यह अपील इस दावे के आधार पर की गई थी कि ये मतदाता शायद अमेरिकी नागरिक नहीं हैं।

कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करने के दौरान राज्य सरकार से जवाब तक नहीं मांगा और न कोई कारण बताया। यही नहीं किसी भी जज ने सार्वजनिक रूप से इस फैसले का विरोध नहीं किया।

यह लोकतंत्र की जीत- कैलिफोर्निया के गवर्नर

कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने इस फैसले का स्वागत करते हुए 'X' पर लिखा, 'अदालत ने दूसरे पक्ष से जवाब मांगे बिना ही ट्रम्प की आपातकालीन अपील खारिज कर दी। यह लोकतंत्र की जीत है।'

यह फैसला प्रशासन के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रशासन लगातार यह प्रयास कर रहा था कि जब तक मतदाताओं की नागरिकता की पुष्टि न हो जाए, तब तक विवादित मतपत्रों को अलग रखा जाए, हालांकि उसे हर बार नाकामी ही हाथ लगी है।

ट्रंप प्रशासन की कोशिशों को 4 बार नकारा

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने कहा कि अदालतों ने राज्य की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की ट्रंप प्रशासन की कोशिशों को लगातार चार बार नकारा है,जिनमें डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स और अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट शामिल हैं।

इस ताजा फैसले के बाद, आपातकालीन अदालती आदेशों की आड़ में राज्य के चुनावों में बाधा डालने की प्रशासन की कोशिशों पर अब पूरी तरह विराम लग जाना चाहिए।

गौरतलब है कि अमेरिका में गैर-नागरिकों द्वारा मतदान करना बहुत दुर्लभ है। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने इस बार संदिग्ध गैर-नागरिक मतदाताओं की पहचान को अपनी प्राथमिकता बनाया। प्रशासन का तर्क था कि विवादित मतपत्रों को अलग रखने से मतदाताओं की पात्रता की जांच हो सकेगी और वैध वोटों की गिनती सुनिश्चित होगी।

इसके विपरीत, कैलिफोर्निया के चुनाव अधिकारियों ने संघीय सरकार की इस सूची की विश्वसनीयता पर कड़े सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना था कि डेटा में त्रुटियां होने से वैध नागरिक मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।

कैलिफोर्निया में डाक मतदान का बड़ा दायरा

कैलिफोर्निया में अक्टूबर की शुरुआत से ही डाक के जरिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। राज्य अपने लगभग 2.3 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं को डाक मतपत्र भेजता है। 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) के चुनावी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 60 लाख से अधिक मतपत्र चुनाव कार्यालयों में वापस पहुंच चुके हैं।

राज्य के चुनाव अधिकारियों का तर्क था कि मतदान प्रक्रिया के इस अंतिम चरण में विवादित मतपत्रों की पहचान करना और उन्हें अलग रखना व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव है। इससे पहले सितंबर में भी सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में डाक मतदान को सीमित करने की ट्रम्प की कोशिश को खारिज कर दिया था, हालांकि कई अन्य आपातकालीन मामलों में अदालत ने प्रशासन के रुख का समर्थन किया था।

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