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    ईरान के टॉप कमांडर को मार गिराने पर घबराए अमेरिकी सांसद, ट्वीट कर की निंदा

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Sat, 04 Jan 2020 08:40 AM (IST)

    अमेरिकी प्रशासन जहां ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराने को अपनी उपलब्धि बता रहा है वहीं कुछ सांसद इस कार्रवाई से काफी डर गए हैं।

    ईरान के टॉप कमांडर को मार गिराने पर घबराए अमेरिकी सांसद, ट्वीट कर की निंदा

    वाशिंगटन [एजेंसी]। बगदाद में अमेरिका द्वारा किए गए हमले में मारे गए ईरान के टॉप मिलिट्री कमांडर कासिम सुलेमानी को ट्रंप प्रशासन भले ही अपनी उपलब्धि मान रहा है, लेकिन, ऐसे लोग भी कम नहीं हैं जो इस पर सवाल उठा रहे हैं। कनेक्‍टीकट से डेमोक्रेटिक सांसद क्रिस मर्फी ने इस हमले की कड़े शब्‍दों में निंदा की है। उन्‍होंने इसको गैरकानूनी बताते हुए चेतावनी भी दी है कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय युद्ध की तरफ बढ़ रही है।

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    उन्‍होंने इस बाबत एक ट्वीट कर ये तो माना है कि सुलेमानी अमेरिका का बड़ा दुश्‍मन था और इस पर कोई सवाल नहीं है। लेकिन साथ ही उन्‍होंने सवाल उठाया है कि क्‍या इस तरह की कार्रवाई बिना संसद को बताए या उन्‍हें भरोसे में लिए की जानी चाहिए थी। उन्‍होंने ये भी कहा है कि सुलेमानी ईरान में दूसरा सबसे ताकतवर व्‍यक्ति था, जिसकी हत्‍या के बाद पूरे क्षेत्र में भयंकर युद्ध तक छिड़ सकता है। 

    मर्फी ने ये भी कहा है कि इस हत्‍या को किसी भी सूरत से सही नहीं ठहराया जा सकता है। उन्‍होंने सुलेमानी की मौत के बाद कई ट्वीट कर ट्रंप प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि किसी एक चीज के लिए हम किसी शीर्ष पद पर बैठे किसी विदेशी की हत्‍या नहीं करवा सकते हैं। मर्फी का कहना है कि इस तरह की कोई भी कार्रवाई कम या ज्‍यादा स्‍तर पर नहीं होनी चाहिए थी। 

    उनके ट्वीट में कहीं न कहीं भविष्‍य की चिंता या ईरान की तरफ से होने वाले हमले की भी आशंका साफतौर पर दिखाई दे रही है। अपने एक ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है कि अब कोई नहीं जानता है कि आगे क्‍या होने वाला है। उन्‍होंने इसी ट्वीट में आगे लिखा है कि अमेरिका की यह कार्रवाई बहुत बड़ी गलती है जिसने उसके मित्र देशों के आगे उसका सिर झुका दिया है। इस तरह की कार्रवाई को कोई भी देश सही करार नहीं दे सकता है। 

    मर्सी के अलावा एलियोट एंजेल और नैंसी पेलोसी ने भी इस कार्रवाई को गलत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। इन्‍होंने एक बयान जारी कर कहा है कि इस तरह की बड़ी कार्रवाई के लिए संसद को विश्‍वास में नहीं लिया गया और न ही इसकी कोई जानकारी दी गई। अपने बयान में इन्‍होंने कहा है कि अमेरिकी प्रशासन की सबसे बड़ी प्रमुखता अमेरिकियों की सुरक्षा करना है न कि उनके जीवन को दांव पर लगाना। बगदाद में हुई एयर स्‍ट्राइक और हमले ने अमेरिका के लोगों का जीवन खतरे में डाल दिया है। अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया  इस तरह के खतरे को झेलने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है। एलियोट का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद अमेरिका ने खुद को सीधेतौर पर युद्ध में शामिल कर लिया है। 

    हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमेन एडम स्किफ ने भी इस हमले की निंदा की है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है  कि सुलेमानी पूरी दुनिया में हिंसक गतिविधियों में शामिल था और उसका मारा जाना जरूरी था। लेकिन सदन को इस कार्रवाई से पहले विश्‍वास में न लेना बड़ी गलती है, क्‍योंकि अमेरिका के लोग ईरान से किसी भी तरह से लड़ाई नहीं चाहते हैं। अब इस कार्रवाई के बाद अमेरिका की चुनौतियां और खतरा दोनों ही बढ़ गया है, लिहाजा अपनी सेना की सुरक्षा को पुख्‍ता किया जाना चाहिए। 

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