नई दिल्‍ली (आनलाइन डेस्‍क)। बाढ़ से डूबे पाकिस्‍तान के लिए अमेरिका ने मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री बिलावल जरदारी को मदद का पूरा भरोसा दिया है। इसके अलावा उन्‍होंने पाकिस्‍तान से चीन से ये अपील करने को भी कहा है कि भीषण प्राकृतिक आपदा को देखते हुए वो कर्ज माफ कर दे। पाकिस्‍तान के लिए जहां ये कहना आसान हो सकता है, लेकिन चीन के लिए ये करना काफी मुश्किल होगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्‍योंकि इस बाबत चीन ने श्रीलंका की भी अपील नहीं मानी थी। ऐसे में अमेरिका के लिए ये सलाह कुछ राजनीतिक स्‍टंट भी हो सकता है। इस मुलाकात को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय एक ट्वीट भी किया है, जिसको बिलावल ने रीट्वीट भी किया है। 

अमेरिका ने चल दी दो तरफा चाल 

अमेरिका ने ये सलाह देकर दो तरफा चाल चलने की भी कोशिश की है। एक तरफ उसने मदद के लिए गेंद पहले पाकिस्‍तान और फिर चीन के पाले में डाल दी है और दूसरी तरफ चीन के लिए एक नई मुसीबत को जन्‍म दे दिया है। यदि पाकिस्‍तान अमेरिका की सलाह मानकर चीन से इस बारे में बात करता भी है तो चीन के लिए इस पर फैसला लेना आसान नहीं होगा। ऐसे में अमेरिका ने चीन और पाकिस्‍तान के बीच में एक लकीर खींचने का काम तो किया ही है। बता दें कि नवंबर में पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ चीन के दौरे पर जाएंगे।

देश का एक तिहाई हिस्‍सा बाढ़ से प्रभावित 

पाकिस्‍तान में आई बाढ़ से देश का करीब एक तिहाई हिस्‍सा प्रभावित हुआ है। पीडि़तों की मदद के लिए पाकिस्‍तान विश्‍व से मदद की अपील लगातार कर रहा है। यूएन चीफ एंटोनियो गुटेरस ने भी विश्‍व से ऐसी ही अपील की है। उन्‍होंने यूएनजीए के 77वीं महासभा को संबोधित करने गए पीएम शहबाज शरीफ से इसके लिए यूरोप के किसी भी देश में एक कांफ्रेंस करने की भी सलाह दी थी। अमेरिका से मदद की गुहार लेकर बिलावल अब भी वहां पर मौजूद हैं। उनके वहां पर होने की एक बड़ी वजह जहां अमेरिका से मदद हासिल करना है वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष से भी कर्ज हासिल करने की है।

अमेरिका का पाकिस्‍तान को सुझाव 

ब्लिंकन और बिलावल के बीच आमने-सामने हुई बातचीत के दौरान ही ब्लिंकन ने पाकिस्‍तान से चीन के समक्ष कर्ज माफी की अपील करने का भी सुझाव दिया था। उनका कहना था कि चीन का पाकिस्‍तान के विकास में अहम योगदान है। आर्थिक विकास के लिए चीन से पाकिस्‍तान ने काफी कर्ज भी लिया हुआ है। ऐसे में मौजूदा हालातों को देखते हुए और पीड़ितों को मदद पहुंचाने के नाम पर चीन से ये अपील की जा सकती है कि वो कर्ज माफ कर दे। यहां पर ये भी बता दें कि अमेरिका लगातार चीन पर ये आरोप लगाता रहा है कि वो छोटे और गरीब देशों को कर्ज के जाल में फंसा कर उनपर कथित रूप से कब्‍जा कर रहा है।

प्राकृतिक आपदा की गिरफ्त में पाकिस्‍तान 

पाकिस्‍तान में आई बाढ़ की ही यदि बात करें तो इससे करीब 1600 लोगों की मौत हो चुकी है। लाखों की संख्‍या में मवेशी पानी में बह गए और मारे गए हैं। 60 लाख से अधिक लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से देश में बीमारी फैलने की आशंका जाहिर की जा रही है। बाढ़ की वजह से खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई है। कृषि योग्‍य लाखों हेक्‍टेयर भूमि जलमग्‍न है। इसकी वजह से देश में खाद्यान्‍न संकट बना हुआ है। कीमतों के अधिक होने की वजह से लोगों के सामने भुखमरी की समस्‍या खड़ी हुई है। पाकिस्‍तान के लिए यूएन ने 116 मिलियन डालर की राशि जुटाने की अपील विश्‍व से की थी, लेकिन पाकिस्‍तान की हरकतों को देखते हुए इस अपील के तहत नाममात्र की ही राशि एकत्रित हो सकी है।  

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Edited By: Kamal Verma

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