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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

US Federal Reserve Rate Hike: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 75 बेसिस प्वाइंट बढ़ाई, 1994 के बाद की सबसे बड़ी वृद्धि

By Piyush KumarEdited By:
Published: Thu, 16 Jun 2022 06:30 AM (IST)Updated: Thu, 16 Jun 2022 08:04 AM (IST)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। यह साल 1994 के ...और पढ़ें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुघवार को ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। (फाइल फोटो)
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुघवार को ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। (फाइल फोटो)

वाशिंगटन, एपी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। यह साल 1994 के बाद से सबसे बड़ी वृद्धि दर है। फेडरल रिजर्व ने यह फैसला महंगाई पर लगाम लगाने के लिए उठाया है। इस फैसले का असर लाखों अमेरिकी व्यवसायों और परिवारों पर पड़ेगा। अमेरिका में होम, कार और दूसरे तरह के ऋणों के लिए उधार लेने की लागत बढ़ जाएगी। अमेरिका में शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी मुद्रास्फीति पिछले चार दशक के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। अमेरिका में मई महीने में मुद्रास्फीति दर 8.6 प्रतिशत पहुंच चुकी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में हुई बढ़ोतरी से भारतीय मुद्रा पर संकट गहरा गया है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वजह से डालर को मजबूती मिलेगी लेकिन इससे रुपया और ज्यादा नीचे गिर सकता है। 

बेंचमार्क अल्पकालिक दर में होगी वृद्धि

फेडरल रिजर्व बैंक के मौजूदा अध्यक्ष जेरोम पावेल ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा, 'हमने सोचा था कि इस बैठक में कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है और हमने ऐसा ही किया है। मुद्रास्फीति को फेडरल की लक्ष्य दर पर वापस लाने के लिए केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है। पावेल ने कहा कि आर्थिक विकास धीमा होने की वजह से बेरोजगारी की दर थोड़ी अधिक हो सकती है। बता दें कि इस फैसले के बाद बेंचमार्क अल्पकालिक दर (Benchmark short-term rate) में वृद्धि होगी, जो कई उपभोक्ता, व्यावसायिक और लोन धारकों को प्रभावित कर सकता है। दर-निर्धारण फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने अपने बेंचमार्क फंड दर के स्तर को 1.5 प्रतिशत से लेकर 1.75 प्रतिशत की सीमा तक लाने का फैसला किया, जो मार्च 2020 में कोविड महामारी शुरू होने से ठीक पहले का उच्चतम स्तर है।

गौरतलब है कि फेडरल अधिकारियों ने इस साल और अगले साल बेरोजगारी बढ़ने का अनुमान लगाया है, जो 2024 में 4.1 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। कुछ अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, यह स्तर मंदी का खतरा होगा। जेरोम पावेल ने आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

दो प्रतिशत मुद्रास्फीति हासिल करने की है कोशिश

पावेल ने कहा, 'हम अब मंदी को प्रेरित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।' की संभावना बढ़ गई है। बता दें कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से डालर को मजबूती मिलेगी। बता दें कि मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाताओं के लिए मुद्रास्फीति एक चिंता का विषय बन चुकी है। अर्थव्यवस्था के बारे में जनता के दृष्टिकोण में खटास आ गई है। साथ ही साथ राष्ट्रपति जो बाइडन की अनुमोदन रेटिंग कमजोर हो गई है और नवंबर में डेमोक्रेटिक नुकसान पहुंचने की भी संभावना बढ़ गई है।

अमेरिका क्यों बढ़ा रहा है ब्याज दर

बता दें कि ब्याज दर बढ़ने से सभी प्रकार के लोन महंगे हो जाते है। इसकी वजह से लोग खर्च कम करते हैं, जिससे बाजार में वस्तुओं की मांग और कीमतें दोनों घटती है।