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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिकी अदालत ने सिख पुलिस अफसर के हत्यारे को ठहराया दोषी, साल 2019 में हुई थी हत्या

By AgencyEdited By: Amit Singh
Published: Wed, 19 Oct 2022 04:30 AM (IST)Updated: Wed, 19 Oct 2022 04:51 AM (IST)

सिख पुलिस अफसर की वर्ष 2019 में हत्या करने वाले अमेरिकी नागरिक को अमेरिकी अदालत ने दोषी करार दिया है। ...और पढ़ें

दोषी को सुनाई जा सकती है मौत की सजा
दोषी को सुनाई जा सकती है मौत की सजा

ह्यूस्टन, प्रेट्र: पहले पगड़ीधारी सिख पुलिस अफसर की वर्ष 2019 में हत्या करने वाले अमेरिकी नागरिक को अमेरिकी अदालत ने दोषी करार दिया है। इसमें उसे मौत की सजा सुनाई जा सकती है। अमेरिकी राज्य टेक्सास में तैनात सिख पुलिस अफसर को सड़क पर ड्यूटी के दौरान सिर में गोली मार दी गई थी। पुलिस अफसर संदीप धालीवाल दस सालों से हेरिस काउंटी शैरिफ आफिस में तैनात थे। वह पहले सिख पुलिस अफसर थे जिन्हें वर्ष 2015 में यूनिफार्म में पगड़ी पहनने और दाढ़ी रखने की अनुमति मिली थी।

साल 2019 में हुई थी हत्या

42 वर्षीय धालीवाल की टेक्सास में 27 सितंबर, 2019 को गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को अदालत में शेरिफ के परिवार की मौजूदगी के बीच अदालत ने महज तीस मिनट की सुनवाई के बाद 50 वर्षीय राबर्ट सोलिस को दोषी करार दिया। अपनी पैरवी खुद ही कर रहे सोलिस ने सजा पर बहस के दौरान अपने लिए मौत की सजा मांग ली। सोलिस की गिरफ्तारी के तीन साल बाद उसे सजा सुनाई जा रही है।

सुनवाई के दौरान मांगी मौत की सजा

अभियोजन पक्ष के वकीलों का कहना है कि सोलिस ने गोली इसलिए मारी क्योंकि वह चाहता था कि उसे वापस जेल नहीं जाना पड़े। दिवंगत धालीवाल ने मानवाधिकार संगठन युनाइटेड सिख काम किया था और उन्हें सिख समुदाय का गौरव माना जाता था। वेस्ट ह्यूस्टन में एक पोस्ट आफिस का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है। उनकी मौत के एक साल बाद हाईवे 249 के पास स्थित बेल्टवे के एक हिस्से का नाम भी धालीवाल के नाम पर रखा गया है।