नई दिल्ली (जेएनएन)। अमेरिका में रह रहे गिलगित बालटिस्तान के एक्टिविस्ट सेंगी हसनान सेरिंग ने अपने ट्विटर एकांउट से एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया था कि बालाकोट में भारतीय हवाई हमलों में मारे गए आतंकियों के शव बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा ले जाए गए। हालांकि, बाद में यह दावा झूठा निकला। ANI से बातचीत में इस व्यक्ति ने स्वीकार किया था कि उसे इस वीडियो के समय -स्थान की ठीक - ठीक जानकारी नहीं है।

इस वीडियो के बारे में उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'भारत के एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने 200 से अधिक आतंकियों को दफनाने की बात कबूल की है। आतंकी मुजाहिद को अल्लाह से मिले विशेष सौगात की बात करते हुए कहा कि ये लोग पाकिस्तान सरकार के लिए दुश्मन के खिलाफ काम कर रहे थे। उनके परिवारों को सहयोग देने की बात की।'

वीडियो में कुछ पाक अधिकारी लोगों से बात कर रहे हैं। इस दौरान वे रोते हुए बच्चों को चुप कराते भी देखे जा रहे हैं। इसी दौरान पीछे से किसी की आवाज आ रही है, जिसमें एक शख्स कह रहा है कि यह अल्लाह का करम है। हमारे 200 बंदों को यह मौका मिला।

कुलमिलाकर , यह वीडियो किसी और घटना से संबंधित हो सकता है और बालाकोट में भारतीय हवाई हमले से इसके सीधे सम्बन्ध होने का कोई सबूत भी नहीं है। दैनिक जागरण ने इस वीडियो की कभी भी पुष्टि नहीं की थी। पाठकों की जानकारी के लिए इसे अपडेट किया जा रहा है।

Posted By: Vikas Jangra

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