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    'कोई भी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं', गाजा पर इजरायली हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने जताई चिंता

    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को गाजा पर बमबारी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्ष में कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने इजरायली सैनिकों द्वारा गाजा पट्टी पर लगातार हमलों पर अपील भी की। इससे पहले उन्होंने हिंसा रोकने के लिए इजरायली सैनिकों को पीछे हटने का आग्रह किया था।

    By AgencyEdited By: Devshanker ChovdharyUpdated: Tue, 24 Oct 2023 11:47 PM (IST)
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    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने गाजा की स्थिति पर जताई चिंता। (फोटो- एपी)

    पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को गाजा पर बमबारी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्ष में कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने इजरायली सैनिकों द्वारा गाजा पट्टी पर लगातार हमलों पर अपील भी की। इससे पहले उन्होंने हिंसा रोकने के लिए इजरायली सैनिकों को पीछे हटने का आग्रह किया था।

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    गाजा की स्थिति पर यूएन प्रमुख चिंतित

    एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल ईस्ट पर सुरक्षा परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में कहा कि मिडिल ईस्ट में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि गाजा में युद्ध का रूप विकराल हो रहा है और पूरे क्षेत्र में जोखिम बढ़ रहा है।

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    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने हिंसा रोकने की अपील करते हुए कहा,

    आज के इस महत्वपूर्ण समय में, मैं सभी से अपील करता हूं कि वे हिंसा से पीछे हट जाएं, इससे पहले कि हिंसा बढ़े व और अधिक मौतें हो।

    अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने का आग्रह

    इसके साथ ही उन्होंने गाजा में अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों का उल्लघंन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कर दूं कि सशस्त्र संघर्ष में कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है।

    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने तत्काल मानवीय युद्धविराम के लिए अपनी अपील दोहराते हुए, कहा कि युद्ध के भी नियम होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मांग करनी चाहिए कि सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपने दायित्वों को बनाए रखें और उनका सम्मान करें।

    नागरिकों को ढाल न बनाने की अपील

    उन्होंने सैन्य अभियानों में नागरिकों की जान बचाने के लिए सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियानों में अस्पतालों का ध्यान रखना चाहिए। मालूम हो कि संयुक्त राष्ट्र छह लाख से अधिक फलस्तीनीयों को आश्रय दे रहा है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे युद्ध में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपर्रि है और नागरिकों को कभी ढाल के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने इजरायल के उस आदेश की आलोचना कि जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों को दक्षिण की ओर जाने को कहा गया था, जहां कोई दवा नहीं है और कोई ईंधन नहीं है। साथ ही वहां लगातार बमबारी हो रहे हो।

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